चूरू में ग्वार की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप, बढ़ी किसानों की मुश्किलें

Churu News: राजस्थान में चूरू जिले के सरदारशहर के नैणासर सहित कई गांवों में इन दिनों ग्वार में झुलसा रोग का प्रकोप होने से ग्वार की फसल नष्ट हो रही है, जिसके कारण किसान चिंतित है. बारिश के कारण मौसम में ज्यादा नमी बढ़ने से ग्वार फसल को बीमारियों ने जकड़ना शुरू कर दिया है.

चूरू में ग्वार की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप, बढ़ी किसानों की मुश्किलें
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Churu News: सरदारशहर के नैणासर सहित कई गांवों में इन दिनों ग्वार में झुलसा रोग का प्रकोप होने से ग्वार की फसल नष्ट हो रही है, जिसके कारण किसान चिंतित है. बारिश के कारण मौसम में ज्यादा नमी बढ़ने से ग्वार फसल को बीमारियों ने जकड़ना शुरू कर दिया है. फसल पर हरा तेला और सफेद मक्खी का आक्रमण भी शुरू हो गया है. इसकी वजह से क्षेत्र में किसानों की चिंताएं बढ़नी शुरू हो गई हैं.

ग्वार की फसल में फफूंद और झुलसा रोग का प्रकोप से क्षेत्र में ग्वार की पैदावार काफी प्रभावित होगी, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. नैणासर गांव के किसान श्योकरण डूडी ने बताया कि बारिश के बाद ये रोग धीरे धीरे बढ़ रहा है. कई बार कीटनाशक का छिड़काव किया गया. फिर भी कोई असर नहीं हो रहा है. धीरे धीरे फसल नष्ट होती जा रही है. सरकार को इसका सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देना चाहिए वरना क्षेत्र के किसान बर्बाद हो जाएंगे.

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किसान परमेश्वर लाल ने बताया कि रोग की आंशका होते ही कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों से संपर्क कर दवाई का छिड़काव किया गया. लेकिन कोई असर नहीं हो रहा है. दिन प्रतिदिन फसल नष्ट होती जा रही है. कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक मुकेश शर्मा ने बताया कि बैस्टीरियल लीफ ब्लाईट (जीवाणु अंगमारी) बीमारी के शुरूआत में पत्तों पर पानी जैसे धब्बे प्रतीत होते है. बाद में पत्ते किनारियों से झुलस कर काले होने शुरू हो जाते है और उस पर रूई जैसा फफूंद लग जाता है. आगे चलकर फंगस का रूप धारण कर लेता है.

शर्मा ने बताया कि ग्वार में झुलसा रोग जिसे देसी भाषा में तुरडिया भी कहते हैं. यह रोग जीवणु और फंफूद से होता है, जिसके कारण पत्तियां झुलस जाती हैं. साथ रस चूसने वाले कीट जैसे तेलिया, सफेद मखी का भी आक्रमण होता है. इन बीमारियों और कीटों की रोकथाम के लिए 10 लीटर पानी में दो ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन व 25 ग्राम कॉपर आक्सीक्लोराईड व साथ मे 5 ग्राम थायोमिथोक्साम को पानी में घोल कर सुबह या शाम को छिड़काव करें.

क्या कहना है किसानों का
वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के बताएं अनुसार दवाइयां का उपयोग किया लेकिन फसलों में कोई फर्क नजर नहीं आ रहा है और लगातार फसल नष्ट हो रही है. वन्ही किसानों का कहना है कि सरकार तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर भेज कर फसलों का जायजा ले और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए.

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Sandhya Yadav

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संध्या यादव एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 8 वर्षों का एक्सपीरिएंस है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. संध्या की मुख्य Expertise राजस्थान की क्षेत्रीय राजनीति, क्राइम, प्रशासनिक फैसलों और हाइपरलोकल खबरों की सटीक एवं इन-डेप्थ कवरेज में है. लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है. आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे एक्स (https://x.com/Journosandhya) और लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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