नौ महिनों बाद फिर से शहनाई बजाने को है तैयार, 25 नवंबर से खुलेगा मैरिज गॉर्डनों का लॉक

राजस्थान में लॉक डाउन के बाद विधिवत रुप से विवाह समारोह स्थल 25 नवंबर से खुलेंगे. मार्च महिने के बाद यह पहला अवसर होगा जब मैरिज गॉर्डनों में शहनाई बजेगी. 

नौ महिनों बाद फिर से शहनाई बजाने को है तैयार, 25 नवंबर से खुलेगा मैरिज गॉर्डनों का लॉक
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान में लॉक डाउन (Lockdown) के बाद विधिवत रुप से विवाह समारोह स्थल 25 नवंबर से खुलेंगे. मार्च महिने के बाद यह पहला अवसर होगा जब मैरिज गॉर्डनों में शहनाई बजेगी. नौ महिनों के लंबे अंतराल के चलते कई खामियों की ओर से प्रशासन, नगर निगम और विवाह स्थल संचालकों का ध्यान नहीं है. इनमें से एक है फॉयर मैनेजमेंट.अधिकतर विवाह स्थलों में अग्निशमन उपकरण बिना मेटीनेंस के उपयोग में लेने की तैयारी है. इसकी बड़ी वजह है कि लॉकडाउन में ठंडे पड़े कारोबार के चलते प्रबंधन कमजोर रहा.

मार्च 2020 से विवाह स्थलों पर कोरोना संक्रमण का साया है. अनलॉक फेज में पहले से मिली बुकिंग का पैसा लौटाने पर आर्थिक हालात भी खराब नजर आए. विवाह स्थल संचालकों के साथ कैटरिंग, डेकोरेशन, लाइटिंग, बैंड बाजा पर असर रहा। अब 25 नवंबर से देव उठनी ग्यारस से एक बार फिर से जगमग होने की तैयारी है, लेकिन बंदिशों के चलते पहले जैसी रौनक लौटने में वक्त लगेगा. शादी में मेहमानों की 100 तक सीमित रखने से मुनाफे की पटरी अभी भी दूर है. ऐेसे में आधी अधूरी तैयारियों के साथ विवाह स्थल खुल रहे है, लेकिन यह खामी 100 लोगों की जान पर भी भारी पड़ सकती है.

ज़ी राजस्थान के रियलिटी चैक में ऐसी चौकाने वाली जानकारी सामने आई जिससे हादसों को न्यौता मिलने की पूरी आशंका है. विवाह स्थलों में फॉयर मैनेजमेंट को लेकर अधिकतर संचालकों की लापरवाही सामने आई है. अग्निशमन उपकरण बिना मेटीनेंस के उपयोग में लेने की तैयारी है. एक्सपायरी डेट के उपकरणों के सहारे सुरक्षा का दावा किया जा रहा है. मानसून सीजन के बाद खुले में लगे आग बुझाने के उपकरणों में जंग लगी हुई है. 

प्रशासन, नगर निगम और विवाह स्थल संचालकों का इस पर कोई ध्यान नहीं है. ब्यावर में आग के बड़े हादसे के बाद राज्य सरकार ने सभी निगमों और विवाह संचालकों को अग्निशन उपकरणों, विवाह स्थल के अंदर और बाहर निकलने के रास्तों सहित कई निर्देश जारी किए थे, समय के साथ इसे भुलाने की तैयारी में सभी जिम्मेदार है.

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