राजधानी जयपुर में बदहाल हुई सफाई व्यवस्था, लोगों का सता रहा ये डर...

शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली बीवीजी कंपनी नगर निगम से, हर साल 80 करोड़ से भी ज्यादा पैसा वसूलती है. लेकिन फिर भी शहर गंदगी से अटा पड़ा है.  

राजधानी जयपुर में बदहाल हुई सफाई व्यवस्था, लोगों का सता रहा ये डर...
शहर की खराब सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

रौशन शर्मा/जयपुर: राजधानी जयपुर शहर की सफाई व्यवस्था लगातार बदहाल है. शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे है. महामारी के बीच नगर निगम प्रशासन ने ईद (Eid) और रक्षाबंधन (Rakshabandhan) पर भी सफाई के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही की है. यहीं कारण है कि, अब शहर की खराब सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

बता दें कि, ऐतिहासिक शहर, जयपुर अब स्मार्ट सिटी (Smart City) की दौड़ में शामिल है. यहीं से पूरे प्रदेश की सत्ता चलती है. लेकिन यहां के बाजारों में लगे गंदगी के ढेर शहरी सरकार के कारिंदो पर सीधे-सीधे सवाल उठाते है.

अपने खुद के संसाधनों के बावजूद यह कंपनी नगर निगम (Nagar Nigam) संसाधनों का पूरा उपयोग कर रही है. फिर भी जयपुर के बाजार और गलियां गंदगी से सड़ रही हैं. ऐसे में कंपनी पर कार्रवाई के बजाय जिम्मेदार सफाई का दावा करते हुए सख्ती की बात कह रहे है.

चौकाने वाली बात यह है कि, कोरोना काल चल रहा है. वहीं, मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. अगर सबकुछ ऐसे ही चलता रहा, तो लोगों में संक्रमण बढ़ने का खतरा और भी बढ़ जाएगा. वहीं, सरकारी आंकड़े बताते हैं कि, जयपुर में कचरा कलेक्शन की दर देश के 10 शहरों की तुलना में काफी ज्यादा है. फिर भी राजधानी गंदगी से अटी पड़ी है.

बहरहाल, शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली बीवीजी कंपनी नगर निगम से, हर साल 80 करोड़ से भी ज्यादा पैसा वसूलती है. लेकिन फिर भी शहर गंदगी से अटा पड़ा है. दरअसल, नगर निगम और कंपनी के बीच हुए एमओयू (MOU) में कचरे की शिकायत आने पर कंपनी पर जुर्माने का प्रावधान भी है. लेकिन आज तक कंपनी पर  कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है.