डीडवाना में खुलेआम उड़ाई जा रही स्वच्छता मिशन की धज्जियां, जनता परेशान

ग्राम मारवाड़ बालिया के लोग सरकार और ग्राम पंचायत की बेरुखी से परेशान हैं. ना तो ग्राम पंचायत और ना ही प्रशासन गांव की तरफ ध्यान दे रहा है.

डीडवाना में खुलेआम उड़ाई जा रही स्वच्छता मिशन की धज्जियां, जनता परेशान
गंदगी और कीचड़ से अटा पड़ा यह मारवाड़ बालिया का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है.

हनुमान तंवर/डीडवाना: राजस्थान के डीडवाना में स्वच्छता मिशन की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही है. वहीं इस परेशानी को लेकर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे जिसके कारण आम जनता को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि गंदगी और कीचड़ से बेहाल मारवाड़, बालिया का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है. गांव से रेलवे स्टेशन आने के लिए बनाया गया यह रास्ता महत्वपूर्ण इसलिए भी है कि इसी रास्ते पर गांव का मुख्य मंदिर है, मदरसा है. यहां तक कि इस रास्ते में प्राथमिक स्कूल भी है जाने के लिए भी इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है.

यही कारण है कि ग्राम मारवाड़ बालिया के लोग सरकार और ग्राम पंचायत की बेरुखी से परेशान हैं. ना तो ग्राम पंचायत और ना ही प्रशासन गांव की तरफ ध्यान दे रहा है. जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गांव के मुख्य मार्ग जिस पर गांव का आईटी केंद्र पुरानी ग्राम पंचायत बालिका स्कूल रेलवे स्टेशन सहित आधा दर्जन से ज्यादा सरकारी और गैर सरकारी संस्थान स्थित है फिर भी रास्ते का हाल बेहाल है.

गंदगी और कीचड़ से अटा पड़ा यह मारवाड़, बालिया का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है. बता दें कि, गांव का आईटी केंद्र और पुराना पंचायत समिति भवन के साथ-साथ गांव का सत्यनारायण मंदिर इसी रास्ते पर मौजूद है. लेकिन इस रास्ते के हालात देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग किस तरह से इन स्थानों पर पहुंच पाते होंगे. सबसे ज्यादा तकलीफ बच्चे बुजुर्ग और महिलाओं को होती है जो कई बार टूटी सड़क और गड्ढों में गिरकर हादसों के शिकार हो जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यहां उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है.

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई सालों से गांव में यह स्थिति बनी हुई है कई नेताओं के साथ-साथ प्रशासन के दरवाजे भी वह खटखटा चुके हैं. लेकिन उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है. हालात यह हैं की बरसात के मौसम में यह रास्ता कीचड़ से पूरी तरह से भर जाता है समय हालात और भी ज्यादा विकट हो जाते हैं. बल्कि रेलवे स्टेशन के लिए तो आम रास्ता भी बंद हो जाता है. 

वहीं, रेलवे की बाउंड्री में आने की वजह से इस रास्ते में बिना रेलवे की परमिशन के कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता. यही वजह है कि आम ग्रामीण को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जरूरत इस बात की है कि रेलवे के अधिकारी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इस रास्ते को जल्द सही करवाएं ताकि आम ग्रामीणों की परेशानी कम हो सके.