राजस्थान निकाय चुनाव को लेकर संशय के बादल, करना पड़ सकता लंबा इंतजार

सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. 

राजस्थान निकाय चुनाव को लेकर संशय के बादल, करना पड़ सकता लंबा इंतजार
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: कोरोना महामारी के चलते जिले में होने वाले नगर निगम और नगर पालिका चुनावों पर संशय की स्थिति बन गई है. आए दिन रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तय समय पर होने की संभावना कम नजर आ रही है. 
चुनाव करवाने को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासन से रिपोर्ट भी मंगवाई है. इसमें जिले में कोरोना मरीजों की संख्या, रिकवरी रेट सहित विभिन्न प्रकार की जानकारी मांगी गई थी. 

जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. जुलाई माह में जयपुर में दस दिन में 556 अधिक नए कोरोना केस सामने आ चुके हैं, जहां कोरोना रोगी मिलते हैं उन वार्डों में कर्फ्यू लगाया जा रहा है. ऐसी स्थिति में अगर चुनाव करवाए जाते हैं तो रोगियों की संख्या में और इजाफा हो सकता है.

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संक्रमण बढ़ने का अंदेशा रहेगा
पार्षदों के चुनाव में मतदान प्रतिशत भी अधिक रहता है. प्रत्याशी एक-एक वोट के लिए प्रयास करते हैं. इस कारण मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ रहेगी. ऐसे में अगर चुनाव हुआ तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाएगा. इससे संक्रमण बढ़ने का अंदेशा रहेगा. उधर इस रिपोर्ट के बाद चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों में खलबली मच गई है कि क्या उन्हें चुनाव के लिए इंतजार करना पड़ सकता है. पार्षद पद के लिए भाजपा और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी थी. सभी अपने स्तर पर मतदाताओं से संपर्क साधने में लग गए थे. अगर कोरोना पर काबू नहीं हुआ तो चुनाव होने में कितना समय लगेगा इसके बारे में अब कुछ नहीं कहा जा सकता. 

प्रशासन के स्तर पर तैयारी पूरी
उधर प्रशासन द्वारा चुनाव की तैयारियां पूरी की जा रही है. मतदाता सूचियों के प्रारूप प्रकाशन का कार्य किया जा रहा है. उपजिला निर्वाचन अधिकारी पुरूषौत्तम शर्मा के मुताबिक निकाय चुनाव की प्रशासन के स्तर पर तैयारी लगभग पूरी है. कोरोना महामारी को देखते हुए जिले की वस्तुस्थिति से सरकार को अवगत करवा दिया है. चुनाव कब करवाए जाएंगे यह सरकार स्तर का मामला है.