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राजस्थान विधानसभा में गूंजा 'जय श्री राम', जानिए सीएम अशोक गहलोत ने क्यों लगाया नारा

राजस्थान विधानसभा में प्रदेश के हित के मुद्दों के साथ राजनीति का कोई भी मौका सदस्य छोड़ना नहीं चाह रहे.

राजस्थान विधानसभा में गूंजा 'जय श्री राम', जानिए सीएम अशोक गहलोत ने क्यों लगाया नारा
मुख्यमंत्री के सदन के भीतर दिए गए संबोधन का समर्थन कांग्रेस के दो मंत्रियों ने भी किया.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में सोमवार को जय श्रीराम का मुद्दा हावी रहा. शुरुआत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की. भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरदार पटेल, महात्मा गांधी, आंबेडकर और जय श्रीराम के नारे पर कब्जा कर रही हैं. जय श्रीराम के नारे का गलत उपयोग किया जा रहा है. वहीं, भाजपा सदस्यों ने कहा कि जय श्रीराम, वंदेमातरम आज नहीं तो कल बोलना ही था. 

भाजपा पर निशाना
राजस्थान विधानसभा में प्रदेश के हित के मुद्दों के साथ राजनीति का कोई भी मौका सदस्य छोड़ना नहीं चाह रहे. जय श्रीराम नारे पर देश की राजनीति में जारी चर्चा सोमवार को राजस्थान की विधानसभा में भी गूंजीं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन की शुरुआत में जय श्रीराम का नारा लगाया. इस नारे के बाद उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मर्यादा के प्रतीक हैं. जय श्रीराम कांग्रेस के लिए भी आदर का विषय हैँ, लेकिन भाजपा इस पर अपना कब्जा जमाना चाहती हैँ. यहीं नहीं महापुरुषों पर भी हक जमा रही हैँ. इसका उपयोग जिस नीयत से किया जा रहा हैँ, वह गलत हैं. भय की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए. 

 

समर्थन में आए मंत्री 
मुख्यमंत्री के सदन के भीतर दिए गए संबोधन का समर्थन कांग्रेस के दो मंत्रियों ने भी किया. शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा की भगवा राजनीति है. जय श्रीराम सिर्फ भाजपा का चुनावी राग हैं. कुछ महापुरुषों के नाम पर भी बांटने की राजनीति की जा रही हैँ. कांग्रेस भी सभी का सम्मान करती हैँ. जय श्रीराम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, हकीकत में भाजपा को कोई खास सरोकार नहीं हैं. वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने जय श्रीराम के नारे पर कहा कि भाजपा इसे अपना पेटेंट बना रही हैँ, जो कि गलत हैँ. 

आज नहीं तो कल बोलना ही था- भाजपा
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि आज उन्होंने जय श्री राम सदन में बोला, चाहे इन्होंने व्यंग कसते हुए जय श्री राम बोला. लेकिन अब समझ में आ गया कि जय श्री राम बिना कुछ नहीं है. अब इन्हें गाय को गौ माता भी मानना ही पड़ेगा. भले ही मन से नहीं मानेंगे लेकिन, इन्हें मानना पड़ेगा. कटारिया ने कहा कि पहले वंदे मातरम बोलने में झिझक होती थी कि कहीं वंदे मातरम बोलने से वोट न कट जाएं लेकिन अब इन्हें समझ में आ गया कि जो सबसे नीचे थे, वह सबसे ऊपर आ गए हैं. इन्हें भी आज नहीं तो कल वंदे मातरम बोलना ही पड़ेगा. कांग्रेस पर भी भाजपा का रंग छा रहा हैं. 

गरमाएगी राजनीति
जय श्रीराम के संबोधन पर राजनीति देश में छाई हुई हैँ, सिनेमाई कलाकारों के पीएम को पत्र लिखने के बाद से देशभर में इस नारे और मॉब लिंचिंग पर बहस जारी हैँ. राजस्थान की विधानसभा में हुआ यह वाकया भी इसी से जुड़ा है. जिस तरह से यह मुददा राजस्थान में उठा हैं, आने वाले दिनों में कांग्रेस शासित राज्यों से भी प्रतिक्रियाएं संभावित हैँ.