राजस्थान विधानसभा में बनेगा डिजिटल म्यूज़ियम, CM गहलोत ने किया कार्य शुभारंभ

राजस्थान विधानसभा में जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के जरिये से अत्याधुनिक डिजिटल म्यूज़ियम बनाने का काम किया जा रहा है. इसमें मल्टीमीडिया, 3डी, 2डी, एनिमेशन, एंडवास ग्राफिक, 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग, स्कल्प्चर्स, म्यूरल्स, डिजिटल इंटरेक्टिव इंटरफेस के जरिए राजस्थान के कई रूप देखने को मिलेंगे.

राजस्थान विधानसभा में बनेगा डिजिटल म्यूज़ियम, CM गहलोत ने किया कार्य शुभारंभ
देश की आजादी में राजस्थान के योगदान को भी म्यूज़ियम में दिखाया जाएगा.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly) में डिजिटल म्यूज़ियम (Digital Museum) के काम का शुभारंभ किया गया. अब विधानसभा में ऐतिहासिक, राजनीतिक हस्तियों, पूर्व मुख्यमंत्रियों, स्वतंत्रता सेनानियों और प्रदेश की हस्तियों के जीवन से जुड़ी अहम घटनाएं हाईटेक रूप में दिखेंगी.

राजस्थान एसेंबली में सदन की कार्यवाही देखने आने वाले दर्शकों को हाई टेक्नोलॉजी आर्ट डिजिटल म्यूज़ियम भी देखने को मिलेगा. पंद्रहवीं विधानसभा का तीसरा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद विधानसभा का प्रथम तल पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य अतिथि के रूप में डिजिटल म्यूज़ियम के कार्य का शुभारंभ  किया.

राजस्थान विधानसभा में जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के जरिये से अत्याधुनिक डिजिटल म्यूज़ियम बनाने का काम किया जा रहा है. इसमें मल्टीमीडिया, 3डी, 2डी, एनिमेशन, एंडवास ग्राफिक, 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग, स्कल्प्चर्स, म्यूरल्स, डिजिटल इंटरेक्टिव इंटरफेस के जरिए राजस्थान के कई रूप देखने को मिलेंगे. साथ ही मिनी थियेटर भी तैयार होगा. इसमें हस्तियों की स्टोरी ऑडियो-विजुअल के जरिए समझी जा सकेगी. एसेंबली में लोअर ग्राउंड और ग्राउंड फ्लोर पर कार्य होगा. 

Rajasthan Legislative Assembly

टेंडर के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर पर एनिमेटेड डायरॉमा, 3D प्रोजेक्शन मैपिंग ऑन डायरॉमा, इंटरेक्टिव कियोस्क, म्यूरल्स, पेंटिंग दिखने को मिलेगा. वहीं, लॉअर ग्राउंड फ्लोर पर टॉकबैक स्टूडियो, 14 एलईडी स्क्रीन, पांच इंटरेक्टिव कियोस्क, 40 ग्राफिकल मैकेनाइज्ड इंस्ट्रालेशंस सहित 13 स्कल्प्चर्स में राजस्थान और राजस्थान की हस्तियों को जानने समझने का मौका मिलेगा. 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान अंगीकार किया गया था. राजस्थान की लोकतांत्रिक यात्रा पर तैयार किए गए डिजिटल म्यूज़ियम का उसी अवसर पर आयोजित संविधान पर विशेष चर्चा सत्र के अंतिम दिन डिजिटल म्यूज़ियम के कार्य का शुभारंभ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने की.

कैसा होगा ये म्यूज़ियम 
करीब 21 हजार वर्गफीट में तैयार किए गए इस म्यूज़ियम में राजस्थान के निर्माण में भागीदार रहे नेताओं का सचित्र वर्णन किया जाएगा. दस करोड़ रुपये की लागत से यह अत्याधुनिक म्यूज़ियम बनाया गया है. देश की आजादी में राजस्थान के योगदान को भी म्यूज़ियम में दिखाया जाएगा. प्रदेश के संसदीय कार्यमंत्री और यूडीएच मंत्री शांति कुमार धारीवाल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी इस डिजिटल म्यूज़ियम के लिए शुभकामनाएं दीं. कटारिया ने उम्मीद जताई कि राजस्थान के एकीकरण में मेवाड़ की भूमिका, सबसे पहले भोपाल सिंह की ओर से एकीकरण के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने और आदिवासी नेता गोविंद गुरू के अंग्रेज़ों से लड़ाई में योगदान को भी इस म्यूजियम में जगह दी जाएगी.

क्या बोले यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल
यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने प्रोजेक्ट और उसके पीछे मुख्यमंत्री की सोच को बखूबी सभी विधायकों को बताया. धारीवाल ने बताया कि अभी इसके लिए डिजाइन, मैनेज और ऑपरेट के लिए लगभग 14.23 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला जा चुका है. इस म्यूज़ियम को तैयार होने में करीब 9 महीने का वक्त लगेगा. यह म्यूज़ियम पूरी तरह से टेक्नोलॉजी आधारित होगा.

म्यूज़ियम में राजस्थान के सभी मुख्यमंत्रियों का जीवन परिचय और प्रदेश के लिए योगदान भी इस म्यूज़ियम में समाहित होगा. इसी तरह देश की प्रमुख हस्तियों और राजनेताओं को भी जगह दी जाएगी. विभिन्न विधानसभा अध्यक्षों का भी इसमें जीवन परिचय और योगदान होगा. युवा पीढ़ी, विधानसभा आने वाले दर्शकों के साथ ही विधायकों और पत्रकारों को भी यहां की गौरवशाली परंपरा की जानकारी इस म्यूज़ियम के माध्यम से मिलेगी.