राजस्थान में एक हुआ गहलोत-पायलट खेमा, विक्ट्री दिखाकर दिया एकता का संदेश

कांग्रेस की विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक साथ नजर आए. 

राजस्थान में एक हुआ गहलोत-पायलट खेमा, विक्ट्री दिखाकर दिया एकता का संदेश
कांग्रेस की विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक साथ नजर आए.

जयपुर: राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में मची हलचल अब थमती नजर आ रही है. पिछले महीने भर से मचे घमासान के बीच आज आखिरकार वह तस्वीर सामने आ ही गई, जिसका सबको बेसब्री से इंतजार था.

कांग्रेस की विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक साथ नजर आए. सीएमआर में आयोजित इस विधायक दल की बैठक में दोनों ही कैंप के विधायक मौजूद हैं. दोनों नेताओं ने विक्ट्री का निशान दिखा कर एकता का संदेश दिया.

बता दें कि कांग्रेस के दो खेमों में बर्फ जमी हुई थी, जो अब पिघल चुकी है. राजस्थान में कांग्रेस पार्टी और सरकार अब पटरी पर लौटेगी. यहां मौजूद लोगों का कहना है कि एकजुटता से सदन में भाजपा का मुकाबला किया जाएगा.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में मंच पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बाईं तरफ क्रमशः पीसीसी पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट, पीसीसी प्रभारी अविनाश पांडे, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सह प्रभारी देवेंद्र यादव, काजी निजामुद्दीन और विवेक बंसल बैठे हैं.

मंच पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दाईं तरफ क्रमशः संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, पर्यवेक्षक रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस वरिष्ठ नेता अजय माकन, मंत्री शांति धारीवाल, कांग्रेस वरिष्ठ नेता रघुवीर मीणा बैठे हैं. मंच के सामने कांग्रेस विधायक और कांग्रेस समर्थित विधायक कुर्सियों पर बैठे हैं.
सबसे पहले पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का संबोधन हुआ. उन्होंने भाजपा पर राजस्थान में सरकार गिराने के षडयंत्र रचने का आरोप लगाया. कहा कि भाजपा की अंग्रेजों की तरह फूट डालो राज करो की नीति है. इनका राजस्थान में षड्यंत्र विफल हो गया है.