जयपुर: सीएम गहलोत ने केंद्र को लिखा खत, तत्काल जारी करे मनरेगा का बकाया

प्रदेश में मनरेगा श्रमिकों को पिछले तीन माह से भु्गतान नहीं मिला है.

जयपुर: सीएम गहलोत ने केंद्र को लिखा खत, तत्काल जारी करे मनरेगा का बकाया
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

भरत राज, जयपुर: प्रदेश में मनरेगा श्रमिकों को पिछले तीन माह से भु्गतान नहीं मिला है. श्रमिकों को भुगतान नहीं होने की खबरें प्रकाशित होने के बाद अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने केंद्र सरकार (Central Government) को पत्र लिखकर बकाया भुगतान तत्काल देने की मांग की है. 

प्रदेश में 2 अक्टूबर 2019 से मनरेगा श्रमिकों को भुगतान नहीं मिला है. श्रमिकों को भुगतान नहीं होने से श्रमिकों की ओर से लगातार सरकार से संपर्क किया जा रहा है. संपर्क पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हो रही हैं. श्रमिकों की मांग को देखते हुए अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने केंद्र सरकार (Central Government) को पत्र लिखकर 601 करोड़ रुपए श्रमिक मद और 1026 करोड़ रुपए सामग्री मद के बकाया को जारी करने की मांग की है, जिससे श्रमिकों को राहत मिल सके. 

केंद्र (Central Government) को लिखे पत्र के अनुसार राजस्थान मनरेगा गारंटी अधिनियम के अधिकार आधारित प्रावधानों को लागू करने वाला अग्रणी राज्य है. चालू वित्त वर्ष में 49.78 लाख परिवारों को राेजगार मिला है. वहीं 2300 लाख मानव श्रम दिवसों के विरूद्ध 2451 लाख मानव दिवसों का सृजन किया है. 

गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने कहा कि श्रम भुगतान के लिए 15 दिवस में 99.77 प्रतिशत एवं 8 दिवस में 90.99 प्रतिशत श्रमिकों के एफटीओ तैयार करने में समर्थ रहा है जो एक अभूतपूर्व उपलब्धि है. केंद्र सरकार की ओर से बजट नहीं मिलने से श्रमिकों को भुगतान नहीं हो रहा है. जो अधिनियम के प्रावधानों और भावनाओं के विपरित है. यह महात्मा गांधी नरेगा योजना (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) के अधिकार आधारित कार्यान्वयन के सिद्धांत का उल्लंघन है.