बांसवाड़ा और डूंगरपुर में भी जल्द पहुंचेगी गैस, बनाए जाएंगे सीएनजी स्टेशन

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बांसवाड़ा एवं डूंगरपुर के सांसद कनकमल कटारा को लिखे पत्र में यह जानकारी दी है. 

बांसवाड़ा और डूंगरपुर में भी जल्द पहुंचेगी गैस, बनाए जाएंगे सीएनजी स्टेशन
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली: दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी बहुल बांसवाड़ा और डूंगरपुर ज़िलों को घरेलू गैस पाइप लाइन और वाहनों के लिए सीएनजी योजना से जोड़ने के लिए चयन कर लिया गया है. इलाक़े को सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क के दसवें चरण में जोड़ने के लिए शामिल किया गया है.

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बांसवाड़ा एवं डूंगरपुर के सांसद कनकमल कटारा को लिखे पत्र में यह जानकारी दी है. पत्र में बताया है कि भारत सरकार देश में स्वच्छ पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण के साथ ही गैस आधारित इकॉनमी को प्राथमिकता के साथ विकसित करना चाहती है. कटारा को लिखे पत्र में पेट्रोललियम मंत्रालय ने कहा कि घरेलू गैस पाइप लाइन एवं वाहनों के लिए सीएनजी की उपलब्धता  सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क को मज़बूत बनाने एवं इसके विस्तार के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं.

पत्र में बताया गया है कि साल 2014 से सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क को 228 जोग्राफ़िक क्षेत्रों में विस्तारित किया गया है. नवें और दसवें चरण का काम पूरा हो जाने पर देश का 54 प्रतिशत एरिया और 70 प्रतिशत आबादी घरेलू गैस पाइप लाइन एवं वाहनों के लिए सीएनजी योजना से जुड़ जाएगी.

पत्र लिखकर की गई थी गैस की मांग
सांसद कटारा ने आदिवासी अंचल बांसवाड़ा एवं डूंगरपुर के लिए इस योजना को एक बड़ा तोहफ़ा बताते हुए बताया कि इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिख कर मांग की थी. उसके बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने इतना जल्दी आदिवासी क्षेत्र को इसमें शामिल कर लिया गया. कटारा ने कहा कि पाइप लाइन नेटवर्क तैयार करने के लिए गुजरात गैस लिमिटेड को अधिकृत किया गया है. 

कटारा ने बताया कि तोहफे के लिए संसदीय क्षेत्र की जनता की और से प्रधानमंत्री और पेट्रोलियम मंत्री को मुलाकात कर धन्यवाद दिया. कटारा ने बताया कि अब शीघ्र ही भारत सरकार और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों तथा संबंधित कंपनी से संपर्क कर इस दिशा में तेज गति से कार्रवाई करवाने का प्रयास करेंगे.