राजस्थान के कई इलाकों में शीतलहर का कहर जारी, रेनवाल में तापमान -2.5 डिग्री

 रेनवाल में तापमान -2.5 डिग्री दर्ज हुआ, साथ ही राजस्थान के कई इलाकों में 2 से 3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया.

राजस्थान के कई इलाकों में शीतलहर का कहर जारी, रेनवाल में तापमान -2.5 डिग्री
बर्फ जमने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई है.

जयपुर: राजस्थान में सर्दी का सितम जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक जयपुर जिले में शुक्रवार का दिन सबसे ठंडा रहा. वहीं, रेनवाल में तापमान -2.5 डिग्री दर्ज हुआ.साथ ही पूरे जिले में 2 से 3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. पूरे प्रदेश में कोहरे व ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ. कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तगर से खराब कर दिया है.

वहीं, दौसा में भी शीतलहर और कोहरे से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कोहरे कारण विजिबिलिटी भी दस मीटर हो गई है, जिसके कारण सड़कों पर चल रहे वाहनों वाहन चालकों की मुसीबतें बढ़ गई है. यहां तक कि कड़ाके की ठंड के कारण पूरे इलाके में सर्दी का अघोषित कर्फ्यू सा लग गया है. 

राजस्थान में सर्दी, शीतलहर  और कड़ाके की सर्दी से आमजन प्रवाहित है. वहीं, सबसे ज्यादा बर्फ जमने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई है. फसलों में बर्फ जमने से किसानों को फसल खराबे की चिंता सताने लगी है. 15 दिन पहले हुई ओलावृष्टि से जहां किसानों की फसल खराब हो गई थी. अब मौसम में फिर से आए बदलाव के चलते बर्फ जमने से किसानों को सरसों गेहूं जो चना की फसल खराब होन की चिंता सताने लगी है. किसानों का कहना है किसी तरह घर पर जमीन पर फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी. 

वहीं, मौसम वैज्ञानिकों को आशंका है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की बेरुखी सामने आई है और अप्रत्याशित मौसम की यह स्थिति लोगों को परेशान करती रहेगी. डॉ. सिंह का अनुमान है कि आने वाले सालों में हिमालयी क्षेत्र व गंगा के मैदानी क्षेत्र जिसमें पूरा उत्तर भारत शामिल है, मौसम को लेकर ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं और यहां के लोगों को मौसम की बेरुखी झेलनी पड़ सकती है.

साथ ही, डॉ जेनामणि ने कहा, 'आम तौर पर ज्यादा ठंड की अवधि 5 या 6 दिनों होती है. लेकिन इस साल 13 दिसंबर से तापमान में गिरावट जारी है. यह अप्रत्याशित है. हालांकि, अब ऐसा लगता है कि 31 दिसंबर के बाद ही राहत मिल सकती है'. वैज्ञानिकों का मानना है कि 16 से 17 दिनों से अधिक समय तक इस तरह के ठंडे मौसम का होना असामान्य है. भीषण शीतलहर से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है.