अजमेर में शीतलहर ने बढ़ाई ठिठुरन, मौसम विभाग ने दी यह चेतावनी...

मौसम विभाग की मानें तो अगले चौबीस घंटे पूरे प्रदेश में शीतलहर जारी रहेगी. वहीं, कई इलाकों में शीतलहर के साथ घना कोहरा रहने की भी संभावना है. 

अजमेर में शीतलहर ने बढ़ाई ठिठुरन, मौसम विभाग ने दी यह चेतावनी...
कड़ाके की ठंड की वजह से फसलों को नुकसान भी हो रहा है.

हनुमान तंवर/डीडवाना: नागौर में हाड़ कंपा देनी वाली सर्दी का दौर दूसरे दिन भी जारी रहा. क्षेत्र में छाया घना कोहरा, हवाओं की वजह से शीतलहर का दौर भी हुआ शुरू. साल 2019 के अंतिम दिन भी पूरा नागौर जिला शीतलहर और कोहरे की चपेट में रहा. मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार ही नागौर जिले में आने वाले दिनों में भी घना कोहरा छाया हुआ रहेगा.

वहीं, पूरे प्रदेश में घने कोहरे की वजह से वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शीतलहर की वजह से गली मोहल्लों में सन्नाटा पसरा हुआ है. हालांकि, बादलों की वजह से ठंड का असर सोमवार की बजाय मंगलवार को कुछ कम देखा गया. जहां सोमवार को पारा 3 डिग्री सेल्सियस था वहीं, मंगलवार को पारा 4 डिग्री सेल्सियस रहा.

हालांकि, शीतलहर की वजह से सोमवार ठंड का एहसास लोगों को ज्यादा हो रहा है. कोहरे की वजह से जनजीवन भी खासा प्रभावित रहा. दूसरी तरफ खेतों में फसलों पर बर्फ जम गई. सिंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का असर और ज्यादा दिखाई दे रहा है क्योंकि यहां फसलों पर पानी छिड़काव के चलते तापमान में और ज्यादा गिरावट हो जाती है, जिसके चलते फसलों पर ओस जम रही है. 

वही, कड़ाके की ठंड की वजह से फसलों को नुकसान भी हो रहा है. पाला पड़ने की खबरें भी जिले भर से आ रही है. ठंड से बचाव के लिए लोग जहां घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. वहीं, मजबूरीवश ज लोग घर से बाहर निकल रहे हैं वह अलाव का सहारा ले रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले एक-दो दिन और कड़ाके की ठंड का सामना जिले सहित प्रदेशवासियों को करना पड़ सकता है. साथ ही, मौसम विभाग ने लोगों को यह चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में सर्दी में और इजाफा हो सकता है. 

बता दें कि मौसम विभाग  ने सोमवार को 19 जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया था. विभाग ने चूरू, हनुमानगढ़, गंगानगर, सीकर, झुंझनूं, अलवर, बीकानेर, जैसलमेर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, अजमेर, जयपुर, टोंक, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा, सवाईमाधोपुर में अलर्ट जारी किया था. मौसम विभाग की मानें तो अगले चौबीस घंटे पूरे प्रदेश में शीतलहर जारी रहेगी. वहीं, कई इलाकों में शीतलहर के साथ घना कोहरा रहने की भी संभावना है. 

वहीं, सर्दी के सितम से फसलों के नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है. कुछ जगहों पर न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है. तापमान में आई गिरावट से पाला पड़ने की आशंका बनी हुई है, जिससे रबी फसलों को नुकसान हो सकता है.

हालांकि, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत आने वाले राजस्थान के भरतपुर स्थित सरसों अनुसंधान निदेशालय के कार्यकारी निदेशक पी. के. राय ने  बताया कि सरसों की फसल पर फिलहाल कोहरे से कोई ज्यादा असर नहीं हुआ है, लेकिन भरतपुर, अलवर डिवीजन के कुछ इलाकों में सरसों पर सफेद रतुआ (व्हाइट रस्ट) के प्रकोप की शिकायत मिल रही है.