मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में कर्नल बैंसला, गुर्जर आरक्षण को लेकर की यह मांग...

सबसे रोचक बात ये है कि कर्नल किरोडी बैंसला बीजेपी के नेता भी है, यानि इस बार कर्नल किरोडी बैंसला अपनी ही सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने जा रहे है.

मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में कर्नल बैंसला, गुर्जर आरक्षण को लेकर की यह मांग...
कर्नल किरोडी बैंसला अपनी ही सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने जा रहे है.

जयपुर: अब तक राजस्थान में गुर्जर आरक्षण (Gujjar Reservation) की चिंगारी मरूधरा की मिट्टी तक उठी थी. लेकिन इस बार ये आरक्षण आग केंद्र सरकार तक पहुंची गई है. गुर्जरों ने मोदी सरकार से मांग की है कि इसी संसद सत्र (Parliament Session) में गुर्जर आरक्षण को नौवीं अनूसूची में शामिल करें.

सबसे रोचक बात ये है कि कर्नल किरोडी बैंसला बीजेपी के नेता भी है, यानि इस बार कर्नल किरोडी बैंसला अपनी ही सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने जा रहे है. उन्होंने चेतावनी दी है कि एक महीने में मांगे नहीं मानी तो इस बार दिल्ली कूच होगा.

दिल्ली कूच की तैयारी में कर्नल
दरअसल, राजस्थान का गुर्जर समाज एक बार फिर आंदोलन की तैयारी कर रहा है. गुर्जर सहित पांच जातियों के आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में डलवाने की मांग को लेकर दिल्ली कूच की चेतावनी दी है. कर्नल ने केंद्र सरकार को एक महीने का समय देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर विचार करते हुए आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराया जाए.

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समित के अध्यक्ष कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि यदि केंद्र सरकार एक महीने में ऐसा नहीं करती है तो गुर्जर समाज की महापंचायत कर दिल्ली कूच होगा. बता दें कि कर्नल किरोडी सिंह बैंसला ने बीजेपी की सदस्यता ले रखी है. ऐसे में अपनी वे अपनी ही सरकार को चेतावनी देकर समाज की मांगें मनवाना चाह रहे हैं.

5 जातियों को मिले आरक्षण का लाभ
राज्य सरकार ने गुर्जर, रायका, रैबारी, बंजारा और गाड़िया लुहार आदि जातियों को पांच फीसद आरक्षण दिया था. इसके साथ ही विधानसभा से एक प्रस्ताव पारित कर 22 फरवरी, 2019 को केंद्र सरकार को भेजा गया था कि विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) में दिए गए इस आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराया जाए. केंद्र सरकार की तरफ से अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं किया गया है.

बैंसला ने कहा कि राज्य सरकार के साथ समझौता हुआ था कि सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत अतिरिक्त पद एसबीसी के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और गुर्जर प्रतिनिधियों के बीच हुए समझौते के अनुसार, एसबीसी के लिए चार प्रतिशत पद और प्रक्रियाधीन भर्तियों के चार प्रतिशत अतिरिक्त पद स्वीकृत करने तथा वर्तमान में चल रही भर्तियों में चार प्रतिशत अतिरिक्त पद विभागवार छायापद स्वीकृत करने के आदेश के बाद भी कुछ भर्तियों को छोड़कर शेष भर्तियों में पूरा पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जा रहा है.

इन भर्तियों में नहीं मिला 5 प्रतिशत आरक्षण
पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018, रीट (REET) भर्ती 2018, पंचायती राज एलडीसी (LDC) भर्ती 2013, टेक्निकल हेल्पर भर्ती 2018, नर्सिंग भर्ती 2013 और 2018, जेल प्रहरी भर्ती 2018, आशा सुपरवाइजर भर्ती 2016, कमर्शियल असिस्टेंट भर्ती 2018, द्वितिय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2018 और अन्य भर्तियों में पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया गया हैं. गुर्जर समाज ने आंदोलन राज्य सरकार को 15 का अल्टीमेटम दिया है कि यदि मांगे नहीं मानी तो समाज आंदोलन की राह पर चलेगा.