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राजस्थान: सहकारी संघ के दवा की दुकानों की हालत खस्ता, अब तक नहीं सुधरे हालात

मरीजों के जख्मों पर मरहम लगाने वाली ये सरकारी दुकानें आम लोगों और विशेषकर पेंशनरों की जख्म और गहरे करती जा रही है.

राजस्थान: सहकारी संघ के दवा की दुकानों की हालत खस्ता, अब तक नहीं सुधरे हालात
संंबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई की बात कही है. (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान के सहकारी संघ के दवाओं की दुकानों की हालत बेहद खस्ता है. इन दुकानों में आम तौर पर दवाएं नहीं मिलने की शिकायत मिलती है. दुकानों में करोडों के घोटाले की बात भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि दवा दुकानों में करोडों के घोटाले के बाद ही पेंशनर्स को 80 करोड के पेमेंट ही नहीं हो पा रहा है. लेकिन अब कॉनफैड के पास बजट नहीं है, ऐसे में अब पेंशनर्स का पेमेंट भी नए बजट के बाद ही हो पाएगा. दूसरी तरह पेंशनर्स विभाग में लगातार पेमेंट नहीं होने की शिकायतें बढ़ती जा रही है. 

मरीजों के जख्मों पर मरहम लगाने वाली ये सरकारी दुकाने उनके जख्म और गहरे करती जा रही है. दवा के नाम पर ये सरकारी दुकाने मरीजों का दर्द लगातार बढा रही है. ऐसे में घोटाले करने वालों के खिलाफ सरकार ने जांच शुरू कर दी है. सहकारी संस्थाओं के माध्यम की जा रही दवाओं की बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता स्थापित करने के साथ-साथ औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों की पालना भी सुनिश्चित की जाएगी.

इस संबंध में सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने बताया कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आमजन के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषी अधिकारी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी.