NTT भर्ती में नियुक्तियों को लेकर फिर घमासान, मंत्री Mamta Bhupesh नहीं सुलझा पाई विवाद

राजस्थान में NT नियुक्तियों (NTT Recruitment) को लेकर एक बार फिर से घमासान मच गया है. 

NTT भर्ती में नियुक्तियों को लेकर फिर घमासान, मंत्री Mamta Bhupesh नहीं सुलझा पाई विवाद
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान में NTT नियुक्तियों (NTT Recruitment) को लेकर एक बार फिर से घमासान मच गया है. महिला बाल विकास मंत्री (Mamta Bhupesh) परिणाम के बाद नियुक्तियों का मामला सुझलाने में फेल रही. आईसीडीएस विभाग (ICDS Department) ने नियुक्तियों की अधूरी नियुक्तियां निकालकर फिर से विवादों को जन्म दे दिया है.

एनटीटी भर्ती में नियुक्तियों का कब होगा समाधान
.12 फरवरी 2018 को सरकार ने की थी घोषणा
. 21 अगस्त 2018 को कर्मचारी बोर्ड ने विज्ञापन जारी किया
. 29 सितंबर 2018 को आवेदन भरवाए गए थे
. 24 फरवरी 2019 को 1 हजार पदों के लिए परीक्षा हुई
. 31 जुलाई को परीक्षा का परिणाम जारी किया गया
. 3 सितंबर 2019 को अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन किए
. 19 नवंबर 2020 को अंतिम परिणाम जारी किया गया
. उसके बाद 15 जनवरी को नियुक्ति आदेश जारी किए गए
. लेकिन इस आदेश में अधूरी सूत्री जारी कर फिर विवाद उपजा

विवादों से पुराना नाता महिला बाल विकास का-
नर्सरी टीचर्स ट्रेनिंग भर्ती में विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा. अंतिम परिणाम देरी से जारी करने के बाद अब नियुक्तियों को लेकर भी विवाद खडा हो गया है. महिला एवं बाल विकास विभाग ने अधूरी सूत्री जारी कर नए विवाद को जन्म दे दिया है. आईसीडीएस में आगंनबाडी सेंटर्स पर एनटीटी के पात्र अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति आदेश जारी किए थे, जिसमें 450 पात्र अभ्यर्थियों की ही सूची जारी की, लेकिन पात्र अभ्यर्थियों की संख्या तो 507 है.ऐसे में 57 अभ्यर्थियों की नियुक्तियां विभाग ने रोक दी है.

समय पर विवाद सुलझाने में मंत्री फेल-
इससे पहले अंतिम परिणाम को लेकर घमासान मचा था, लेकिन अबकी बार फिर से मंत्री समय पर विवाद सुलझाने में फेल साबित हुई. महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश के कई बार अभ्यर्थियों ने विवाद सुलझाने की अपील की, लेकिन नियुक्तियों में एक बार फिर से विवाद हो गया. अब ऐसे में सवाल यही की विभाग ने अधूरी सूची क्यों निकाली. आखिर कब सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्तियां विभाग दे पाएगा.