बाड़मेर: स्वागत कार्यक्रम की नहीं मिली अनुमति तो आरएलपी और कांग्रेस में छिड़ी जंग

आरएलपी के कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि जिस तरीके से लोकतंत्र में हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा है, इसका जवाब हम वोट से देंगे.

बाड़मेर: स्वागत कार्यक्रम की नहीं मिली अनुमति तो आरएलपी और कांग्रेस में छिड़ी जंग
आरएलपी की प्रदेश की नई टीम बनने के बाद पहली बार बाड़मेर जिले में जिला मुख्यालय पर पहुंची थी.

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: राजस्थान में एक बार फिर से आरएलपी और कांग्रेस के बीच में नई जंग शुरू हो गई है. आरएलपी (Rashtriya Loktantrik Party) की प्रदेश कार्यकारिणी घोषणा होने के बाद पहली बार नेताओं का सर्किट हॉउस स्वागत कार्यक्रम होना था.

आरएलपी के नेताओं को बाड़मेर के प्रशासन ने अनुमति नहीं दी तो उसके बाद आरएलपी के कार्यकर्ताओं के साथ नेताओं ने सर्किट हाउस के पास ही अपना कार्यक्रम आयोजन कर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी पर जमकर निशाना साधा. 

दरअसल, आरएलपी की प्रदेश की नई टीम बनने के बाद पहली बार बाड़मेर जिले में जिला मुख्यालय पर पहुंची थी. इस दौरान पूरे शहर में रोड शो निकाला गया. उसके बाद सर्किट हाउस के पास ही स्वागत समारोह रखा गया. इस दौरान आरएलपी के कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि जिस तरीके से लोकतंत्र में हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा है, इसका जवाब हम वोट से देंगे.

इस दौरान आरएलपी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हरीश चौधरी के साथ ही अशोक गहलोत और कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गंभीर आरोप लगाए. आरएलपी के प्रदेश महामंत्री उदाराम मेघवाल ने कहा कि जिस तरीके से पहले हनुमान बेनीवाल पर पथराव और अब हमें कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं देना इस बात को जताता है कि किस तरीके से तानाशाही का दौर गहलोत सरकार में चल रहा है.

एक बात तो साफ है कि जब से हनुमान बेनीवाल के ऊपर बायतु में पथराव हुआ है. उसके बाद लगातार बेनीवाल की आरएलपी और हरीश चौधरी लगातार आमने-सामने हो रहे हैं और अब यह लड़ाई आने वाले दिनों में पंचायती राज चुनाव में और तेज होती नजर आ रही है.