जयपुर: निकाय चुनाव की काउंटिंग को लेकर बीजेपी-कांग्रेस तैयार, किए जीत के दावे

प्रदेश में 49 निकायों में चुनाव (Rajasthan local body election) के बाद अब प्रदेश की दो प्रमुख पार्टियों यानी कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) का फोकस इस बात पर है कि किस जगह पार्टी के कितने पार्षद जीत रहे हैं और अगर बहुमत के आसपास पार्टी रहती है तो चेयरमैन अपनी पार्टी से किसे बनाया जाए?

जयपुर: निकाय चुनाव की काउंटिंग को लेकर बीजेपी-कांग्रेस तैयार, किए जीत के दावे
बीजेपी भी अपने पार्षद प्रत्याशियों को ट्रेनिंग दे रही है.

जयपुर: प्रदेश के 49 स्थानीय निकाय में चुनाव संपन्न हो गए हैं. मंगलवार को वोटों की गिनती होगी और इस बीच कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. इन तैयारियों में काउन्टिंग में जाने वाले प्रतिनिधियों की ट्रेनिंग से लेकर पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी तक की कवायद शामिल है लेकिन बाड़ेबंदी करने की कवायद दोनों ही तरफ से हो रही है.

दरअसल, प्रदेश में 49 निकायों में चुनाव के बाद अब प्रदेश की दो प्रमुख पार्टियों यानी कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) का फोकस इस बात पर है कि किस जगह पार्टी के कितने पार्षद जीत रहे हैं और अगर बहुमत के आसपास पार्टी रहती है तो चेयरमैन अपनी पार्टी से किसे बनाया जाए?

इस बार जिन 49 निकायों पर चुनाव हुए हैं, उनमें से 43 ऐसे निकाय हैं, जहां पांच साल पहले भी चुनाव हुए थे. तब प्रदेश में बीजेपी (BJP) की सरकार हुआ करती थी और शहर की सरकार में भी बीजेपी (BJP) ने ही बाजी मारी थी. साल 2014 में हुए इस चुनाव में बीजेपी (BJP) ने 37 जबकि कांग्रेस (Congress) ने 6 निकायों में अपने चेयरमैन बनाए थे लेकिन इस बार प्रदेश में सरकार बदल गई है. अब कांग्रेस (Congress) सत्ता पर काबिज है.

कांग्रेस (Congress) के नेता कहते हैं कि आमतौर पर शहरी निकायों में जनता भी उसी पार्टी की तवज्जो देती है, जिसकी राज्य में सरकार होती है. इन्हीं संभावनाओं में सकारात्मक किरण कांग्रेस (Congress) को दिखाई दे रही है और यही कारण है कि पार्टी ने अपने पार्षद प्रत्याशियों को एक जगह रखने का ज़िम्मा संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री और पीसीसी पदाधिकारियों को दिया है.

बीजेपी (BJP) भी दे रही प्रत्याशियों को ट्रेनिंग
बीजेपी (BJP) भी अपने पार्षद प्रत्याशियों को ट्रेनिंग दे रही है. इसके लिए अलग-अलग जगह संगठन से जुड़े नेताओं, ज़िले के प्रभारी और पूर्व मंत्रियों को सक्रिय कर दिया गया है. बीजेपी (BJP) के मीडिया सह-प्रभारी नीरज जैन कहते हैं कि यह प्रशिक्षण मतगणना की तैयारियों और उस दौरान बरते जाने वाले एहतियात के लिए आयोजित किया गया है. 

बाड़ेबंदी से किया साफ मना
कांग्रेस (Congress) के महेश शर्मा कहते हैं कि उनकी पार्टी ने कभी बाड़ेबंदी नहीं की तो बीजेपी (BJP) के नीरज जैन तो चुनाव के कार्यक्रम को लेकर ही अपनी आशंका जाहिर करते दिखे. कुल मिलाकर दोनों पार्टियां अपनी कमीज़ दूसरे से ज्यादा उजली बताती दिखाई दीं.

कुछ ऐसा ही दावा कांग्रेस (Congress) के मकबूल मंडेलिया का है. चूरू से आने वाले पीसीसी उपाध्यक्ष कहते हैं कि चूरू में राजेंद्र राठौड़ और कांग्रेस (Congress) का कड़ा मुकाबला रहता है. मंडेलिया कहते हैं कि वोटों की गिनती से पहले राठौड़ ने बीजेपी (BJP) के पार्षद प्रत्याशियों को तो अपने घर बुला लिया लेकिन कांग्रेस (Congress) के प्रत्याशियों पर पार्टी ने कोई बंदिश नहीं लगाई है. मंडेलिया कहते हैं कि अगर चूरू में कांग्रेस (Congress) ने कोई बाड़ेबंदी नहीं की है तो समझो प्रदेश में कहीं भी नहीं की है.