पुलवामा हमले पर सारा देश एकजुट था लेकिन कांग्रेस ने की राजनीति: राजनाथ सिंह

कांग्उरेस ने सेना की प्रशंसा करने और देश के साथ खड़े होने के बजाय कांग्रेस ने उस पर सवालिया निशान लगाना शुरू कर दिया. 

पुलवामा हमले पर सारा देश एकजुट था लेकिन कांग्रेस ने की राजनीति: राजनाथ सिंह
प्रदेश में 29 अप्रैल को मतदान होंगें

जयपुर: लोकसभा चुनावों में सियासी पारा चढ़ा हुआ है. भाजपा और कांग्रेस अपने स्टार प्रचारकों के बूते मतदाताओं तक पहुंचने की तैयारी में हैं इसी सिलसिले में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह प्रदेश दौरे पर हैं. चुनावी जनसभाओं को संबोधित करने के साथ जयपुर में मीडिया से रूबरू हुए. मीडिया से बातचीत में उन्होंने विकास से अधिक सेना, आतंकवाद, धारा 370, कश्मीर समस्या और कांग्रेस की नाकामियों पर फोकस रखा. साथ ही केंद्रीय मंत्री ने गहलोत सरकार को उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने पर घेरने की कोशिश की.

भाजपा होगी कामयाब
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रथम चरण के मतदान के बाद से ही कांग्रेस सहित सारे विपक्षी दलों ने यह कहना शुरू कर दिया था कि ईवीएम में कहीं न कहीं गड़बड़ी है. परिणाम पूरी तरह से साफ है कि रुझान किधर है. इसमें कोई दो मत नहीं है कि भाजपा स्पष्ट बहुमत से सरकार बनाएगी. दो चरणों का चुनाव हो चुका है. तीसरे चरण का होने वाला है. इन चरणों में जो संकेत मिल रहे हैं उससे पूरी तरह से साफ है गठबंधन पूरी तरह विफल हुआ है और एक बार फिर भाजपा के नेतृत्व में मोदी सरकार बनने जा रही है.

केंद्रीय मंत्री की प्रेसवार्ता का केंद्र सुरक्षा और राष्ट्रवाद रहा. उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले पर जब सारा देश एकजुट था, तब कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही थी. वायुसेना के जवानों ने जब पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया और बड़ी संख्या में आतंकवादियों को मारने में कामयाबी हासिल की. उसकी प्रशंसा करने और देश के साथ खड़े होने के बजाय कांग्रेस ने उस पर सवालिया निशान लगाना शुरू कर दिया. 

गहलोत के वादे अधूरे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एयर स्ट्राइक से कितनी कामयाबी मिली, कितने लोग मारे गए. इस प्रकार के जब सवाल किये जाते हैं तो उससे आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष कमजोर होता है. कई ऐसे अवसर आये हैं जब आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का पक्ष कांग्रेस के कारण कमजोर हुआ है. हिन्दू आतंकवाद की एक नयी परिभाषा भी कांग्रेस ने गढ़ी. आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद होता है. इसकी कोई जाति नहीं होती, कोई पंथ नहीं होता, कोई मजहब नहीं होता. आतंकवाद को हिन्दू, मुस्लिम और ईसाई के साथ नहीं जोड़ा जा सकता. विपक्ष के पास मुद्दों का अभाव है, जिन मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए उन पर भी राजनीति कर रहा . गहलोत सरकार ने जो वादे किए थे उसे पूरा करना चाहिए. कर्जमाफी का वादा पूरा नहीं किया, केन्द्र की योजनाओं को लागू नहीं किया उन्हें किया जाना चाहिए, संघीय ढांचे के महत्व को समझना चाहिए. 

असंतुष्ट से मन की बात
राजनाथ सिंह ने कहा कि राजस्थान एक बार फिर भाजपा के मिशन 25 को पूरा करने जा रहा है. विकास हमारा मुख्य मुद्दा था, मोदी सरकार इसके केंद्र में काम करेगी. राजनाथ सिंह के जयपुर प्रवास के दौरान कुछ असतुष्ट भाजपा नेताओं ने मिलकर अपने मन की बात उनसे की. चुनावी समर में राजनाथ सिंह का राजस्थान में कितना असर होगा यह 23 मई को मतगणना के दिन ही स्पष्ट होगा.इतना जरुर हैं कि प्रदेश में 29 अप्रैल को होने वाले मतदान को लेकर दोनों ही पार्टियों को चुनाव प्रचार अब चरम पर पहुंच चुका हैं.