टोंक: सत्ता के नशे में चूर कांग्रेस नेता का बेटा, पार्षद पर किया जानलेवा हमला

पीड़ित के कई रिश्तेदार धमकियों से डरकर मालपुरा शहर छोड़ चुके हैं. पीड़ित न्याय के लिए मालपुरा थाने से लेकर मालपुरा सर्किल ऑफिसर, एसडीएम तक को लिखित शिकायत सौंप चुका है.  

टोंक: सत्ता के नशे में चूर कांग्रेस नेता का बेटा, पार्षद पर किया जानलेवा हमला
मामला टोंक के मालपुरा उपखण्ड से जुड़ा है.

पुरुषोत्तम जोशी/टोंक: टोंक जिले के मालपुरा उपखंड में इन दिनों कांग्रेस शहर अध्यक्ष इशाहक नकवी और उनके परिजनों की दादागिरी सर चढ़कर कर बोल रही है. आलम यह है कि सत्त्ता के नशे में चूर शहर अध्यक्ष के बेटे ओर अन्य परिजन अब लोगों की जान लेने पर आमादा हो गए है. लेकिन सबसे बड़ी हैरत की बात यह है कि सत्ता के डर से मालपुरा थाना पुलिस भी 307 गम्भीर कानूनी धाराओं के बावजूद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे न सिर्फ पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं बल्कि अपराधियों के हौंसले और भी ज्यादा बुलन्द हो रहे हैं.

दरअसल, मामला टोंक के मालपुरा उपखण्ड से जुड़ा है. मालपुरा नगर पालिका के वार्ड नंबर 4 के पार्षद पति अब्दुल लतीफ का आरोप है कि कुछ दिनों पहले मालपुरा कांग्रेस शहर अध्यक्ष इशाहक नकवी के पुत्र असद और भतीजे शहाब सहित आधा दर्जन नामजद आरोपियों ने हथियारों से लैस होकर उन पर हमला कर दिया. जिसकी  एफआईआर (FIR) पीड़ित अब्दुल लतीफ ने 24 अगस्त को मालपुरा थाने में दर्ज करा दी थी. लेकिन एफआईआर दर्ज कराने के 20 दिनों बाद भी पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है.

आरोपी असद अपने पिता कांग्रेस शहर अध्यक्ष के रसूख की धौंस देकर ना सिर्फ पुलिस की गिरफ्त से दूर है बल्कि पीड़ित को भी मुकदमा वापस नहीं लेने पर जान से मारने की धमकियां भी दे रहा है. पीड़ित के कई रिश्तेदारों ने आरोपियों की धमकी और रसूख से घबरा कर मालपुरा से पलायन भी शुरू कर दिया है.

पीड़ित के कई रिश्तेदार धमकियों से डरकर मालपुरा शहर छोड़ चुके हैं. पीड़ित न्याय के लिए मालपुरा थाने से लेकर मालपुरा सर्किल ऑफिसर, एसडीएम तक को लिखित शिकायत सौंप चुका है. साथ ही आज भी पीड़ित ने टोंक पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर न्याय की गुहार लगाई है.

वहीं, मालपुरा थाना पुलिस सत्ता के रसूख के डर से शहर अध्यक्ष के बेटे और भतीजे पर कार्रवाई करने से डर रही है. लेकिन पीड़ित के परिजन न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे हैं. पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले में सत्ता ले रसूख के चलते कुछ भी कहने और करने से डरती दिख रही है. ऐसे में अब देखना यह होगा की टोंक पुलिस के कप्तान तक मामला पहुंचने के बाद पुलिस क्या कार्रवाई कर पाती है.