दिल्ली में ऐतिहासिक होगा कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन, CM गहलोत ने संभाली कमान

गहलोत ने पार्टी के मंत्रियों नेताओं और कार्यकर्ताओं को दो टूक अंदाज में कह दिया है कि अगर उन्हें जीवन में आगे बढ़ना है तो कांग्रेस के संघर्ष के मैदान में उन्हें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी.

दिल्ली में ऐतिहासिक होगा कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन, CM गहलोत ने संभाली कमान
दिल्ली में होने वाले 14 दिसंबर के प्रदर्शन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं.

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में केंद्र सरकार (Central Government) के खिलाफ हल्ला बोल के बाद अब कांग्रेस दिल्ली (Delhi) में भी बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है. दिल्ली में 14 दिसंबर को केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के लिए कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी. राजस्थान से इस प्रदर्शन में भागीदारी अधिक से अधिक हो इसकी कमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद संभाल ली है.

गहलोत ने पार्टी के मंत्रियों नेताओं और कार्यकर्ताओं को दो टूक अंदाज में कह दिया है कि अगर उन्हें जीवन में आगे बढ़ना है तो कांग्रेस के संघर्ष के मैदान में उन्हें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी.

केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ राजस्थान में जिला से लेकर जयपुर तक हुए प्रदर्शन के बाद अब दिल्ली में होने वाले 14 दिसंबर के प्रदर्शन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली के इस प्रदर्शन को लेकर खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं. इस प्रदर्शन को लेकर अशोक गहलोत ने न केवल कल दिल्ली में संगठन महासचिव वेणुगोपाल और प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक की बल्कि कल यानी रविवार को अपने आवास पर मंत्री परिषद की बैठक भी बुलाई है. 

कार्यकर्ता सुनिश्चित करें अपनी भागीदारी
जयपुर में हुए प्रदर्शन में सीएम ने कार्यकर्ताओं को साफ शब्दों में कह दिया है कि दिल्ली में कार्यकर्ताओं की अधिक से अधिक भागीदारी होनी जरूरी है. सीएम ने कहा है कि वे खुद सभी जिला और विधानसभा स्तर के नेताओं की मॉनिटरिंग करेंगे और पता लगाएंगे कौन कितने कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली गया है यानी अगर अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की नजरों में नेताओं को अपने नंबर बनाने हैं तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाना उन्हें सुनिश्चित करना होगा. 

मेहनत दिखाएं और बनें मुख्यमंत्री
29 नवंबर को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम ने खुद का उदाहरण देते हुए एक तरीके से यह इशारा किया है कि जो कार्यकर्ता पार्टी के लिए काम करेगा आने वाली राजनीतिक नियुक्तियों में भागीदारी उन्हीं की ही सुनिश्चित हो पाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जब एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष थे तब दिल्ली में होने वाले बड़े प्रदर्शन में बसों में भरकर कार्यकर्ताओं को लेकर गए थे. तब की की गई मेहनत ही उन्हें आगे बढ़ाने में काम आई है. वह मुख्यमंत्री बने हैं सीएम ने यहां तक कह दिया कि अगर उनकी कुर्सी तक कार्यकर्ता पहुंचना चाहते हैं यानी प्रदेश के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं तो संघर्ष के मैदान में अपनी ताकत दिखानी होगी.

नेताओं को संभलनी होगी कुर्सी
सीएम ने अपने इस भाषण के जरिए उन नेताओं विधायकों और मंत्रियों को भी नसीहत दे दी, जो कांग्रेस के प्रदर्शन में केवल खानापूर्ति करते हुए ही नजर आते हैं. सीएम ने उनको भी यह इशारा कर दिया है कि अगर आने वाले दिनों में कांग्रेस के प्रदर्शनों और कार्यक्रमों में भीड़ लाने में नाकाम साबित होते हैं तो उनकी कुर्सी को भी खतरा साबित हो सकता है. निश्चित तौर पर अभी तक मुख्यमंत्री कांग्रेस के प्रदर्शनों और कार्यक्रमों का पूरा जिम्मा संगठन पर ही छोड़ते थे लेकिन दिल्ली में होने वाला प्रदर्शन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है लिहाजा इसकी पूरी कमान उन्होंने कुछ संभाल ली है. ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में राजस्थान के कार्यकर्ताओं की भागीदारी ऐतिहासिक होने जा रही है.