close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान में सरकार कांग्रेस ही बनाएगी, बीजेपी जोड़-तोड़ की न सोचे : सचिन पायलट

सचिन पायलट ने यह बयान दिया है कि 'हम पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ रहे हैं और मुझे यकीन है कि आखिरी संख्या में एक बार यह स्पष्ट हो जाएगा

राजस्थान में सरकार कांग्रेस ही बनाएगी, बीजेपी जोड़-तोड़ की न सोचे : सचिन पायलट
सचिन पायलट टोंक की सीट पर आगे चल रहे हैं

जयपुर: राजस्‍थान विधानसभा चुनाव के परिणामों के लिए मतगणना की प्रक्रिया आज (मंगलवार) को सुबह 8 बजे से शुरू हो चुकी है. इसी बीच राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट ने यह बयान दिया है कि 'हम पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ रहे हैं और मुझे यकीन है कि आखिरी संख्या में एक बार यह स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन फिर भी हम सभी समान विचारधारा और भाजपा विरोधी भाजपा पार्टियों का स्वागत करते हैं और हम संपर्क में हैं'

वहीं सचिन पायलट ने बीजेपी पर वार करते हुए यह कहा है कि कांग्रेस राजस्थान में सरकार बनाने जा रही है, बीजपी इसके लिए जोड़-तोड़ करने की कोशिश न करे. वहीं मतगणना के अभी तक के रुझानों के मुताबिक सचिन पायलट खुद भी टोंक की सीट पर आगे चल रहे हैं. खबरों के मुताबिक सचिन पायलट 36000 वोटों से आगे चल रहे हैं.  

सचिन पायलट की बात करें तो तो पायलट को साल 2014 में राजस्थान कांग्रेस की कमान सौंपी गई. उन्हें कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष पद को संभालने को कहा गया. प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कांग्रेस ने उन्हें अहम जिम्मेदारी दी है. वहीं, लोकसभा चुनाव 2014 में शिकस्त खाने के बाद वह 2018 में विधानसभा चुनाव के मैदान में उतर गए हैं. सचिन पायलट यहां टोंक विधानसभा सीट से नामांकन कराया है. सचिन पायलट कांग्रेस के युवा नेता है. वहीं, इस बार सचिन पायलट को ही कांग्रेस समर्थक अपना सीएम उम्मीदवार मान रहे हैं. बीजेपी ने इस सीट पर युनुस खान को सचिन पायलट के खिलाफ चुनावी रण में उतारा था.

वहीं बीजेपी की बात करें तो जीत को लेकर इतनी आश्वस्त नजर आ रही है कि पार्टी ने बीजेपी ने सभी प्रत्याशियों को जीतने के बाद तुरंत जयपुर पहुंचने के निर्देश भी दे दिए हैं. यहां तक वसुंधरा राजे खुद भी पार्टी कार्यालय पहुंच चुकी है. हालांकि सीएम राजे भी अपनी सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं. 

बता दें कि सीएम राजे इस सीट से चौथी बार चुनाव लड़ा हैं. वह यहां से पहले तीन बार चुनाव जीत चुकी हैं. वहीं हाल ही में बीजेपी को छोड़ कांग्रेस में आए मान्वेंद्र सिंह क बात करें तो बीजेपी के कद्दावर नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने जब बीजेपी छोड़ कांग्रेस का दामन थामा तो कांग्रेस ने उन्हें विधानसभा चुनाव में राजस्थान बीजेपी के सबसे ताकतवर नेता और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ झालरापाटन सीट से मैदान में उतार दिया. दोनों के आमने-सामने होने से यह सीट पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बना हुआ है. 

जबकि पिछले तीन चुनावों की बात करें तो वसुंधरा राजे ने विधानसभा 2003 के चुनाव में झालरापाटन विधानसभा सीट से कांग्रेस की रमा पायलट को 27000 से करारी शिकस्त दी थी. वहीं 2008 चुनाव में कांग्रेस के मोहनलाल राठौड़ को वसुंधरा राजे के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा तो 2013 के चुनाव में वसुंधरा राजे ने करीब 60000 मतों से कांग्रेस की मीनाक्षी चंद्रावत को करारी शिकस्त देकर जीत का सिलसिला बरकरार रखा.