49 में से 36 निकाय में कांग्रेस और 12 में BJP की जीत, 1 में निर्दलीय बना अध्यक्ष

राज्य निर्वाचन आयोग सचिव श्याम सिंह राजपुरोहित ने बताया कि भाजपा (BJP) बीकानेर और उदयपुर नगर निगम में अपना मेयर बनाने में सफल रही है. भरतपुर नगर निगम में कांग्रेस ने कब्जा जमाया है. 

49 में से 36 निकाय में कांग्रेस और 12 में BJP की जीत, 1 में निर्दलीय बना अध्यक्ष
प्रदेश की 49 निकायों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव स्वतंत्र निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल में चुनाव संपन्न हुए.

जयपुर: शहरी निकाय चुनाव में सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का जादू बरकरार रहा. 49 निकायों में से 36 निकायों में कांग्रेस और 12 निकायों में भाजपा (BJP) ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया, वहीं जैसलमेर निकाय में निर्दलीय ने जीत दर्ज की है. 3 निकायों पर पहले ही निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया था. मंगलवार को 46 निकायों में ही अध्यक्ष का चुनाव हुआ. तीन नगर निगमों में से 2 पर भाजपा (BJP) और 1 पर कांग्रेस का मेयर बना.

राज्य निर्वाचन आयोग सचिव श्याम सिंह राजपुरोहित ने बताया कि भाजपा (BJP) बीकानेर और उदयपुर नगर निगम में अपना मेयर बनाने में सफल रही है. भरतपुर नगर निगम में कांग्रेस ने कब्जा जमाया है. 

49 निकायों में से 36 पर कांग्रेस का राज
अलवर, भिवाड़ी, थानागाजी, बांसवाड़ा, नसीराबाद, बाड़मेर, मांगरोल, भरतपुर, रूपवास,  चित्तौड़गढ़, निंबाहेड़ा, रावतभाटा, चूरू, राजगढ़, महुवा, हनुमानगढ़, भीनमाल, झुंझुनू,  पिलानी, बिसाऊ, फलोदी, सांगोद, कैथून, डीडवाना, मकराना, नाथद्वारा, आमेट, सीकर, नीमकाथाना, श्री गंगानगर, सूरतगढ़, सिरोही, माउंट आबू, शिवगंज, टोंक और कानोड़.

12 निकायों में भाजपा
ब्यावर, पुष्कर, प्रतापपुर गढ़ी, बालोतरा, बीकानेर, छबड़ा, जालौर, पाली, सुमेरपुर, खाटू श्यामजी, पिंडवाड़ा, उदयपुर.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्याम सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रदेश की 3 निकायों में बराबर मत मिलने के कारण लॉटरी से चुनाव करवाए गए, जिसमें छबड़ा से भाजपा (BJP) अध्यक्ष बनाने में सफल रही जबकि कानोड़ और नसीराबाद में कांग्रेसी के प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पद के लिए जीत दर्ज की है. मंगलवार को प्रदेश की 49 निकायों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव स्वतंत्र निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल में चुनाव संपन्न हुए.

स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों से साफ हो गया कि जनता ने सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों पर अपनी मुहर लगाई है हालांकि आगे अब पंचायतीराज के चुनाव हैं, इसमें सरकार की और परीक्षा होने वाली है.