संविधान दिवस पर राजस्थान ने बिसराए माटी के लाल, सभा में याद नहीं किए गए बड़े प्रतिनिधि

राजस्थान से संविधान सभा में प्रतिनिधियों की बात करें तो इसमें 12 नाम शामिल हैं. इनमें से ग्यारह सदस्य देशी रियासतों के प्रतिनिधि के रूप में संविधान सभा में पहुंचे.

संविधान दिवस पर राजस्थान ने बिसराए माटी के लाल, सभा में याद नहीं किए गए बड़े प्रतिनिधि
संविधान की मूल प्रति को सजाने-संवारने में भी मरूधरा के लोगों की भूमिका रही.

जयपुर: देश ने मंगलवार को 70वां संविधान दिवस मनाया. इस मौके पर कई कार्यक्रम हुए और आने वाले दिनों में भी होंगे. राजस्थान की विधानसभा में तो संविधान पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया गया लेकिन इन सबके बीच सवाल यह भी है कि क्या राजस्थान से संविधान सभा में प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों को भी याद किया? 

संविधान दिवस पर देश के संविधान में योगदान देने वाले लोगों को याद किया गया. इस बीच राजस्थान के योगदान की बात भी की जाना लाज़िमी है. राजस्थान से संविधान सभा में प्रतिनिधियों की बात करें तो इसमें 12 नाम शामिल हैं. इनमें से ग्यारह सदस्य देशी रियासतों के प्रतिनिधि के रूप में संविधान सभा में पहुंचे, जबकि एक सदस्य अजमेर-मेरवाड़ा के चीफ कमिश्नरेट क्षेत्र से शामिल रहे.

राजस्थान से संविधान सभा में शामिल रहे प्रमुख चेहरे - 
मुकुट बिहारीलाल भार्गव
वीटी कृष्णामाचारी
हीरालाल शास्त्री
खेतड़ी के सरदार सिंह
बीकानेर के ठाकुर जसवंत सिंह
राज बहादुर
माणिक्य लाल वर्मा
गोकुललाल असावा
रामचन्द्र उपाध्याय
बलवन्त सिंह मेहता
दलेल सिंह
जयनारायण व्यास

संविधान सभा में राजस्थान के प्रतिनिधियों ने संविधान में शामिल विषयों पर अपना योगदान दिया तो संविधान की मूल प्रति को सजाने-संवारने में भी मरूधरा के लोगों की भूमिका रही. भारत के संविधान की मूल प्रति में 22 चित्र भारत के वैभवशाली इतिहास, परम्‍परा और संस्‍कृति को दर्शाते हुए लगे हैं. यह सभी चित्र विख्‍यात चित्रकार नंदलाल बासु ने बनाए थे. इसके साथ ही इस कारीगरी में राजस्थान के ख्यातनाम कलाकार कृपालसिंह शेखावत ने भी अपना योगदान दिया था.