धौलपुर: संविदा नर्सेज ने CM को भेजा ज्ञापन, मांग न मानने पर दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी

संविदा नर्सेज कर्मचारी संघ ने कहा कि, अगर सरकार ने यूटीबी (UTB) नर्सेज की बराबर 26500 रुपए मासिक वेतन नहीं किया तो, सभी नर्स एक साथ आंदोलन करेंगे.

धौलपुर: संविदा नर्सेज ने CM को भेजा ज्ञापन, मांग न मानने पर दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी
एनएचएम (NHM) द्वारा संविदा पर 2016 में 3167 जीएनएम के पद पर वेंकेसी निकली थी.

भानु शर्मा/धौलपुर: संविदा नर्सेज कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर जिला अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन भेजा है. इस ज्ञापन के जरिए, उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वह, एक जून से कार्य बहिष्कार कर देंगे.

दरअसल, धौलपुर में एनएचएम (NHM) द्वारा संविदा पर 2016 में 3167 जीएनएम के पद पर वेंकेसी निकली थी. इसकी परीक्षा कराने के बाद, 30 दिसंबर 2019 को नियुक्ति दे दी गई. साथ ही, उनका मासिक वेतन 7900 रुपए कहा गया, लेकिन इसमें भी कटौती के बाद 6952 रुपए नर्सेज को दिया जा रहा है.

इसके बाद, गुरुवार को संविदा नर्सेज कर्मचारी संघ ने सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को ज्ञापन भेजा हैं. संविदा पर लगी जीएनएम नीलम मीणा ने बताया कि, संविदा पर लगे कर्मचारी समय-समय पर मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन के द्वारा अवगत कराया जाता रहा है, फिर भी राज्य सरकार का इन अल्प वेतन भोगी नर्सेज की ओर ध्यान नहीं गया है.

उन्होंने कहा कि, अगर सरकार ने यूटीबी (UTB) नर्सेज की बराबर 26500 रुपए मासिक वेतन नहीं किया तो, सभी नर्स एक साथ आंदोलन करेंगे. इसमें एक जून से कार्य बहिष्कार तक किया जा सकता है. राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन एकीकृत के प्रदेश महामंत्री पुरुषोत्तम कुंभज ने बताया कि, सरकार दोहरी नीति द्वारा नर्सेज का सन 2007 से ही शोषण कर रही है.

पुरुषोत्तम कुंभज ने कहा कि, संगठन की मूल मांग ये रही है कि, राज्य में कार्यरत सभी प्रोजेक्ट में लगे संविदा नर्सेज का समान्य योग्यता एवं समान्य काम के आधार पर, श्रमिक नियमों के अनुसार न्यूनतम वेतन 26500 करना चाहिए. सरकार ने 2013 में नियमित भर्ती करीब 15000 निकाली थी, इसमें से करीब 11000 को सन् 2016 में नियमित नियुक्ति दे दी गई है. उस भर्ती वंचित नर्सेज के लिए 2018 में एक फिर नियमित भर्ती निकाली, जिनको अभी हाल ही में नियुक्ति दी है. फिर संविदा पर लगे नर्सेज वंचित रह गए हैं, जो आज तक 7900 पर ही काम कर रहे हैं.