राजस्थान: अनलॉक-1 में फिर से फलने फूलने लगा नशे का कारोबार, पुलिस अलर्ट

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से शहर में नशा तस्करों के कारोबार को ध्वस्त करने के लिए एक ऑपरेशन चलाया गया, जिसे नाम दिया गया ऑपरेशन क्लीन स्वीप. 

राजस्थान: अनलॉक-1 में फिर से फलने फूलने लगा नशे का कारोबार, पुलिस अलर्ट
अनलॉक फेज-1 में नशा तस्करी की कई सूचनाएं पुलिस को मिली है.

शरद पुरोहित/जयपुर: राजस्थान अब मादक पदार्थ तस्करों के लिए नशे का गढ़ बन चुका है. इसी के चलते नशे के सौदागर लगातार अन्य दूसरें राज्यों के यहां पर नशे की, खेंप की सप्लाई कर रहे है. लॉकडाउन (Lockdown) के चलते तमाम मादक पदार्थ तस्कर अंडरग्राउंड हो गए थे. मगर जैसे ही लॉकडाइन में ढील मिली. तमाम तस्कर फिर से सक्रिय हो गए हैं. चौकानें वाली बात ये है कि, इन ड्रग तस्करों ने राजस्थान को सबसे प्रमुख अड्डा बना लिया है.

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से शहर में नशा तस्करों के कारोबार को ध्वस्त करने के लिए एक ऑपरेशन चलाया गया, जिसे नाम दिया गया ऑपरेशन क्लीन स्वीप. ऑपरेशन की शुरुआत के कुछ महीनों में ही जयपुर पुलिस नशा तस्करों के लिए काल बन गई.

3 महीनों के भीतर 350 से अधिक नशा तस्करों को काल कोटरी तक पहुंचा दिया. मादक पदार्थों के बड़े सौदागर जयपुर आने से खौफ खाने लगे. लेकिन फिर शुरु हुआ कोरोना काल, जहां पुलिस लोगों को कोरोना से बचाने, नियमों का पालन करवाने में व्यस्त हो गई.

लॉकडाउन के बाद जयपुर शहर में भी पुलिस की तस्करों पर नकेल ढीली पड़ने लगी और तस्करों ने फिर से इसी का फायदा उठाना शुरु किया और नशे का गोरखधंधा एक बार फिर से राजस्थान की राजधानी में फलने फूलने लगा. एडिश्नल पुलिस कमिश्नर अशोक गुप्ता ने बताया कि, कोरोना काल से पहले जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच टीम एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत ऑपरेशन क्लीन स्वीप अभियान चलाकर 324 मामले दर्ज कर चुकी है.

इसमें 399 नशें के सौदागरों को हवालात के पीछे पहुंचाया है. इतना ही नहीं, पुलिस इन नशें के सौदागरों से लाखों क्विंटल की तादात में गांजा, स्मैक, डोडा पोस्त जैसी नशे की सामग्री जब्त कर चुकी है. पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि, राजस्थान ने ये नशे के सौदागर उडीसा, पश्चिम बंगाल, हिमाचल और नॉर्थ ईस्ट से लेकर आते हैं. जिसे 20 से 30 हजार रुपए किलो की मात्रा में यहां सप्लाई करते हैं.

इतनी ही नहीं, छोटे इलाकों में ये तस्कर 250 रुपए से लेकर 1000 रुपए की पुढ़िया बनाकर युवाओं को नशा परोसने का काम करते है. हालांकि, राजस्थान ने विगत दिनों ने तस्करों के नेटवर्क को तोड़ते हुए इन पर शिकंजा कसा है, जिसे काफी सराहा जा रहा है. मगर अनलॉक फेज1 में फिर से सक्रिय हुए इन तस्करों के इस नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए जयपुर पुलिस अब पूरी तरह से तैयार है.

अनलॉक फेज-1 में नशा तस्करी की कई सूचनाएं पुलिस को मिली है. कुछ मामलों में पुलिस ने तस्करों को गिरफ्तार कर मादक पदार्थ जब्त भी किया है. लेकिन युवाओं को इस नशे से बचाने के लिए जरुरी है कि, जयपुर पुलिस पहले की तरह ही एक बार फिर से नशा तस्करों के खिलाफ सख्ती बरते, जिससे कि युवाओं के जीवन को बर्बाद होने से रोका जा सके.