राजस्थान: सचिवों का CORE GROUP गठित, बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

राज्य सरकार खाद्य सामग्री राशन सहित अन्य जरूरत की वस्तुएं होम डिलीवरी करने की सोच रही है. 

राजस्थान: सचिवों का CORE GROUP गठित, बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
फाइल फोटो

विष्णु शर्मा, जयपुर: कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर चल रहे लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सामग्री के लिए परेशान होने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है. राज्य सरकार खाद्य सामग्री राशन सहित अन्य जरूरत की वस्तुएं होम डिलीवरी करने की सोच रही है. इसके लिए राज्य सरकार ऑनलाइन कंपनियों के साथ स्थानीय बाजार में काम कर रहे बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर से बात करने जा रही है.

लॉकडाउन के दौरान आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में आईएएस का कोर ग्रुप गठित किया हुआ है. कोर ग्रुप की बुधवार को हुई बैठक में लोगों को राहत देने के लिए कई निर्णय लिए गए बैठक में लोगों तक राशन सामग्री की होम डिलीवरी करने सहित कई कदम उठाने का निर्णय लिया है.

कोर ग्रुप की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए
- अत्यावश्यक वस्तुओं से संबंधित सभी दुकानदारों एवं उनके कार्मिकों की स्क्रीनिंग की जाएगी. 
- स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी सभी जिला कलेक्टर को दी गई है.
- सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ऑनलाईन पास सिस्टम के लिए सूचना प्रोद्योगिकी विभाग एक एप तैयार करेगा.
- अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं शासन सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ऑनलाइन कंपनियों से होम डिलीवरी की बात करेंगे.
- प्रमुख शासन सचिव, कृषि विभाग फसल कटाई के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेंगे.
-प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास तथा प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा अन्तर्राज्यीय सीमाओं से आने वाले व्यक्तियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार कर गृह विभाग से जारी करवाएंगे.
- लॉकडाउन के दौरान पास जारी करने के लिए निम्न विभाग अधिकृत किया है.
परिवहन विभाग- ट्रांसपोर्टर्स,
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति - पी.डी.एस.
उद्योग विभाग- आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन में लगे 
स्थानीय निकाय विभाग - किराना स्टोर, अन्य आवश्यक सामग्री से संबंधित दुकान, मेडिकल स्टोर, फल एवं सब्जी विक्रेता
कृषि विपणन बोर्ड/ विभाग -थोक मंडी विक्रेता
- शहरी निकाय अत्यावश्यक वस्तुओं से संबंधित दुकानों पर चूने से मार्किग करेंगे ताकि ग्राहकों के बीच समुचित दूरी (social distancing) रहे.
- उद्योग विभाग एवं रीको के कार्यालय अत्यावश्यक सेवाओं में शामिल किए जाएंगे.
-  जयपुर को 1 करोड़ रुपए, अन्य संभागीय जिला मुख्यालयों को 75-75 लाख रुपए तथा शेष जिलों को 50-50 लाख रुपये अनटाईड फंड के रूप में हस्तान्तरित किये जा रहे हैं.
- इसके अतिरिक्त 1000 रुपये प्रति वंचित परिवार के हिसाब से कुल 180 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तान्तरित की जा रही है.

ये भी पढ़ें: राजस्थान: लॉकडाउन से उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए सचिवों का CORE GROUP गठित