जयपुर में बढ़ रहा कोरोना का दायरा, संक्रमण रोकथाम के लिए निकाला यह तरीका

जयपुर में लगातार कोरोना के बढ़ रहे दायरे को लेकर अफसरों की चिंता बढ़ गई है. 

जयपुर में बढ़ रहा कोरोना का दायरा, संक्रमण रोकथाम के लिए निकाला यह तरीका
उच्च स्तरीय बैठक में राज्य और जयपुर की स्थिति की समीक्षा

जयपुर: राजस्थान के जयपुर में लगातार कोरोना (Coronavirus) के बढ़ रहे दायरे को लेकर अफसरों की चिंता बढ़ गई है. मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता ने सचिवालय में कोरोना महामारी से निपटने के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राज्य और जयपुर की स्थिति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को जयपुर में कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम के लिए क्षेत्र विशेष के अनुसार रणनीति अपनाकर तेजी से टेस्ट करने और अन्य आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्याप्त मेडिकल टीम नियुक्त करने के साथ पीपीई किट्स, एन-95 मास्क और टेस्टिंग किट्स उपलब्ध कराए जाएंगे.  

प्रदेश सहित जयपुर शहर में कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाकर कोरोना हॉट स्पॉट्स को पूरी तरह सील किया जाएगा और शहर को कलस्टर में बांटकर रेपिड सैंपलिंग कर टेस्ट का काम अब रफ्तार पकड़ेगा. मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने परकोटे से बाहर संक्रमण फैलने से रोकने के लिए 12 अप्रेल से पहले रेंडम सैंपलिंग की पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए. 

उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को बेहतर स्क्रीनिंग और टेस्ट की संख्या बढ़ाने के लिए मॉनिटरिंग अधिकारी और मेडिकल टीमें बढ़ाने तथा भविष्य की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त पीपीई किट्स, एन-95 मास्क और टेस्टिंग किट्स उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए. मुख्य सचिव ने बताया कि जयपुर शहर में कोरोना संक्रमण की जांच कराने के इच्छुक लोगों के लिए मोबाइल एप विकसित किया जा रहा है. 

संक्रमण की आशंका से संबंधित लोग इस एप को डाउनलोड कर अपने लक्षण फीड कर सकेंगे. पेरा मेडिकल एवं चिकित्सकों के स्तर पर इन लक्षणों की जांच कर केसेज की छंटनी की जाएगी. उसके पश्चात् प्रशिक्षित टीम संबंधित व्यक्ति के घर जाकर स्क्रीनिंग करेगी. उसी के अनुसार तय किया जाएगा कि टेस्ट करना जरूरी है या नहीं. 

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने क्वारेंटाइन किए गए व्यक्तियों को रखे जाने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल की शत प्रतिशत पालना के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए. उन्होंने क्वारेंटाइन व्यवस्था और प्रबंधन के लिए JDC की जिम्मेदारी तय कर आयुक्त टी रविकांत को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिये. उन्होंने नगर निगम को लाउड स्पीकर के माध्यम से सरल औऱ प्रभावी तरीके से कोरोना एवं कफ्र्यू से संबंधित नियमित रूप से एनाउंसमेंट कराने के निर्देश दिए. 

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप ने कोरोना संक्रमण हॉट स्पॉट और अन्य इलाकों में कफ्र्यू की पालना कड़ाई से कराने के निर्देश दिए.. उन्होंने कहा कि समान रूप से प्रोटोकॉल लागू करते हुए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोरता से कार्यवाही करें.. कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जयपुर जिले के नोडल अधिकारी ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा ने जयपुर शहर में संक्रमण रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि सैंपलिंग का कार्य पूरी क्षमता से प्रारम्भ कर दिया गया है. अगले कुछ ही दिन में 900 से अधिक सैंपल विभिन्न क्लस्टर्स में लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि संक्रमण के फैलाव की असल जानकारी प्राप्त कर उचित कदम उठाए जा सकें. क्षेत्र को तीस छोटे हिस्सों में बांटकर क्लस्टर आधारित सैंपलिंग प्रारभ की जाएगी. वहीं, लक्षणों के आधार पर भी सैंपलिंग करवा सकेंगे. 

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बहरहाल, संक्रमण वाले इलाकों को पूरी तरह सील करने और कफ्र्यू की पालना कड़ाई से कराने के लिए ड्रॉन कैमरों की संख्या बढ़ाने और सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत पर बताई. आने वाले समय में विभिन्न उपकरणों, किट्स, मैनपावर आदि की जानकारी भी दी गई. बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह, प्रमुख शासन सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी अभय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका, पुलिस आयुक्त आनन्द श्रीवास्तव, सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया, JDC  टी. रविकांत, कलक्टर जयपुर जोगाराम, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी, नगर निगम आयुक्त विजयपाल सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.