कोटा में रिकॉर्ड तोड़ रहा कोरोना संक्रमण, जुलाई के 31 दिनों में 1051 लोग संक्रमित

जानकारों का मानना है कि समय रहते कोरोना के बढ़ते संक्रमण की चेन तोड़ना जरूरी है, नहीं तो हालत कंट्रोल से बाहर हो सकते हैं.

कोटा में रिकॉर्ड तोड़ रहा कोरोना संक्रमण, जुलाई के 31 दिनों में 1051 लोग संक्रमित
लॉकडाउन और अनलॉक-1 तक कोटा में कोरोना का संक्रमण काबू में था.

मुकेश सोनी, कोटा: जिले में अनलॉक-2 में कोरोना ने जमकर तांडव मचाया है.  इस वायरस ने शहर के हर हिस्से में लोगों को संक्रमित किया है. संक्रमितों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो जुलाई के 31 दिनों में 1051 और नए लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं यानी प्रतिदिन औसत 34 लोग इस वायरस के संक्रमित हुए हैं. 

इतना ही नहीं, कोटा में 20 जुलाई से संक्रमण की रफ्तार ने पहले के रिकॉर्ड को तोड़ा है. मात्र 11 दिन में ही तक 666 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं. यानी  दुगुनी रफ्तार से संक्रमण बढ़ा प्रतिदिन औसत 60 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए. जिला प्रशासन ने 20 जुलाई से होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू की थी.

4 गुना बढ़ी रफ्तार
लॉकडाउन और अनलॉक-1 तक कोटा में कोरोना का संक्रमण काबू में था. आंकड़ों पर गौर करें तो 5 अप्रैल से 30 जून तक 86 दिन में 669 जने कोरोना संक्रमित मिले थे. यानी औसत 8 जने प्रतिदिन संक्रमितों का आंकड़ा रहा लेकिन अनलॉक-2 कोरोना का संक्रमण तेजी से फैला. शहर के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी वायरस का कहर देखने को मिला. 

जुलाई के 31 दिनों में संक्रमितों का आंकड़ा 669 से बढ़कर 1720 तक जा पहुंचा. यानी जुलाई माह में संक्रमण की रफ्तार 4 गुना बढ़कर प्रतिदिन 34 लोगों  संक्रमित मिल रहे हैं. पिछले 7 दिनों के आंकड़ों तो डराने वाले हैं. 25 से 31 जुलाई के बीच 531 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं. यानी औसत 75 जने प्रतिदिन संक्रमित हो रहे हैं. 

31 दिन, 15 मौत
कोटा में कोरोना का वायरस बुजुर्ग बीमार मरीजो का काल बन रहा है. खासकर दिल और सांस के तकलीफ से पीड़ित मरीजों को कोरोना शिकार बना रहा है. कोटा में कोरोना काल में अब तक 36 जनों की मौत में से 15 जनों की मौत तो केवल जुलाई के 31 दिनों में हुई है. मृतकों में 32 साल से लेकर 85 साल तक के लोग सबसे अधिक शिकार हुए हैं. इनमें सबसे ज्यादा बुजुर्ग लोग शामिल हैं. इनमें 18 लोग ऐसे है, जिनकी मौत के बाद कोरोना की पुष्टि हुई है. उन्हें कोरोना संक्रमण तक का पता नहीं चला.

इन पांच जगहों से बढ़ रहा खतरा
1. बाजार: शहर के बाजार में सबसे अधिक भीड़ होने के कारण लोग सम्पर्क में आने से संक्रमण बढ़ा रहा है. कई दुकानों पर भीड़ होने से दुकानदार और ग्राहक मास्क और सोशल डिस्टेंसी का पालन नहीं करने से संक्रमित हो रहे हैं. 

2. बैंक: बैंक खुलने से यहां ग्राहकों की आवाजाही रहती है. कई बैंक मर्ज होने से स्थान की समस्या खड़ी हो रही है. इसके चलते बैंकों में ग्राहकों की भीड़ होने से बैंक स्टाफ और ग्राहक संक्रमित हो रहे हैं. 

3. जेल: जेल में क्षमता से अधिक कैदी भरे हुए हैं. एक कैदी के संक्रमित होते ही अन्य सम्पर्क में आने वाले कैदी संक्रमित हो चुके हैं, इसलिए यह हॉट स्पॉट बन गया है. यहां से अब तक 66 से ज्यादा कैदी पॉजिटिव आ चुके हैं. इनके सम्पर्क में आने से पुलिसकर्मी और मेडिकल स्टाफ भी संक्रमित हो रहा है.

4. पार्कों, मंदिरों और अन्य जगहों पर घूमना फिरना
सार्वजनिक पार्को, मंदिरों और अन्य जगहों पर सुबह-शाम घूमने-फिरने के दौरान मास्क व सोश्यल डिस्टेंसी की पालना नहीं होने से लोग संक्रिमत हो रहे हैं. 

5. नौकरी पेशा: लॉकडाउन के बाद अनलॉक होते ही नौकरी पेशा लोग अपडाउन करने लग गए हैं. इससे संक्रमण बढ़ रहा है. पिछले दिनों जिला कलक्टर ने ऐसे कर्मचारियों की अप डाउन पर रोक लगाई थी. 

चेन तोड़ना जरूरी
जानकारों का मानना है कि समय रहते कोरोना के बढ़ते संक्रमण की चेन तोड़ना जरूरी है, नहीं तो हालत कंट्रोल से बाहर हो सकते हैं. हालांकि जिला प्रशासन ने रविवार को एक दिन के लॉकडाउन के आदेश जारी किए हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि एक दिन लॉकडाउन से कोरोना की चेन नहीं टूट सकती. चेन तोड़ने के लिए 48 घंटों से ज्यादा समय के लिए लॉकडाउन जरूरी है. साथ ही आमजन को भी समय रहते सावधानी बरतनी जरूरी है. सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने की आदत डालें ताकि कोरोना की चेन को तोड़ा जा सके. थोड़ी सी भी लापरवाही कोरोना वॉरियर्स, सरकार और जिला प्रशासन की मेहनत पर पानी फेर सकती है.