Corona Report Special : जानिए कितना डरने की जरूरत है और कितना लड़ने की

राजस्थान (Rajasthan News) में कोरोना बेकाबू हो चुका है. संक्रमण की दर, मौतों के आंकड़े और नए संक्रमितों के आंकड़े इतने डरावने है कि आने वाले दिनों की भयावह तस्वीर सोचने से भी रूह कांप रही है.

Corona Report Special : जानिए कितना डरने की जरूरत है और कितना लड़ने की
प्रतीकात्मक तस्वीर

Jaipur : राजस्थान (Rajasthan News) में कोरोना बेकाबू हो चुका है. संक्रमण की दर, मौतों के आंकड़े और नए संक्रमितों के आंकड़े इतने डरावने है कि आने वाले दिनों की भयावह तस्वीर सोचने से भी रूह कांप रही है. राजस्थान (Corona Report Special) में अप्रैल माह के महज 15 दिनों में संक्रमितों का आंकड़ा 49 हजार पार कर चुका है. हर दिन मौत के नए रिकॉर्ड टूट रहे हैं. 

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इस साल अप्रैल माह के महज 15 दिनों में राजस्थान में 223 कोरोना संक्रमितों (Coronavirus) की मौत हो चुकी है. कोरोना की राजस्थान में वर्तमान हालात क्या है. हम कितने तैयार हैं इसे लेकर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट ज़ी राजस्थान न्यूज ने तैयार की है, जिसे देखने के बाद ये स्पष्ट हो जाएगा कि आखिर इस बार कोरोना से हमें कितना डरने की जरूरत है और कितना लड़ने की.

राजस्थान (Night Curfew In Rajasthan) में कोरोना संक्रमण पूरी तरह अपने पांव पसार चुका है और राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति बेहद डरावनी होती जा रही है. कोरोना की इस दूसरी लहर में चिंता की बात यह है कि कोरोना संक्रमण 20 वर्ष से लेकर 35 वर्ष तक के यंग लोगों को भी अपनी जद में ले रहा है और उनके लंग्स में इंफेक्शन जैसे केस लगातार सामने आ रहे हैं और लंग्स में क्लॉटिंग के केस भी सामने आ रहे हैं. राजस्थान में कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण की आक्रामकता ही राज्य में हो रही मौतों का मुख्य कारण है.

1 अप्रैल से 13 अप्रैल तक कोरोना संकमितों की उम्रवार स्थिति -


आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि अप्रैल माह के शुरुआती 13 दिनों में राजस्थान में जन्म लेने वाले बच्चे से लेकर 44 साल तक के 23 हजार 878 मरीज कोरोना संक्रमित हुए हैं यानि नौजवानों को इस बार कोरोना अपनी दूसरी लहर में अपना शिकार बना रहा है.
 
राजस्थान (Weekend Curfew In Rajasthan) में 14 अप्रैल तक कोरोना के कुल 3 लाख 81 हजार 292 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं. यहां पॉजिटिव मरीजों का प्रतिशत 5.06 फीसदी है. कोरोना से राज्य में 14 अप्रैल 2021 तक 3 हजार 8 संक्रमितों की मौत हो चुकी है.

14 अप्रैल तक राज्य में
.होम आइसोलेशन में रोगी - 42615
.राज्य के समस्त अस्पतालों में भर्ती पॉजिटिव मरीजों की संख्या -2290
.मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में भर्ती रोगी 410 मरीज ICU में और 138 मरीज वेंटिलेटर पर
.एम्स जोधपुर में आइसोलेशन में भर्ती पॉजिटिव मरीजों की संख्या 86 मरीज ICU में और 11 मरीज वेंटीलेटर पर
.राज्य में प्रतिदिन कोरोना जांच की क्षमता 78372
.बैड सुविधा - वर्तमान में राज्य में 42886 आइसोलेशन बैड, 8532 ऑक्सीजन सपोर्टेड बैड और 2326 ICU बैड्स उपलब्ध
.14 अप्रैल तक राज्य में 35857 लोग होम आइसोलेशन में
.ऑक्सीजन बेड्स की संख्या 10686, ऑक्सीजन बेड्स पर ओक्युपेंसी 2072
.ICU बेड्स की संख्या 2268, वेंटिलेटर की संख्या 1646
.ICU ओक्युपेंसी बिना वेंटिलेटर 504, ICU ओक्युपेंसी वेंटिलेटर पर 256

राजस्थान में कोरोना की बेकाबू स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने हर मोर्चे पर मजबूत तैयारी शुरू कर है. कोरोना के बढ़ते मामलों के बावजूद राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति और अतिरिक्त बेड्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. राज्य में कोरोना की इस दूसरी लहर में रेमेडीसीवर इंजेक्शन की मांग एकाएक बढ़ गई है, लेकिन इसकी आपूर्ति में सुधार किया जा रहा है. आपात व्यवस्था के तहत गुरुवार को रेमेडीसीवर के 10 हजार इंजेक्शन तुरंत प्रभाव से जिला अस्पतालों को भेजे गए हैं.

कोरोना महामारी के बढ़ रहे खतरे के मद्देनजर राजस्थान में मजबूत कोरोना रोकथाम की तैयारी शुरू हो चुकी है. राजस्थान में तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है और राज्य में कोरोना के एक्टिव केसेज के आंकड़े 49 हजार पार हो चुके हैं. राज्य में वर्तमान की 50 हजार टेस्ट प्रतिदिन की क्षमता को बढ़ाकर 1 लाख टेस्ट प्रतिदिन किया जा रहा है. इसके लिए राज्य के सबी मेडिकल कॉलेजों और जिला चिकित्सालयों में स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब में 44 नई आरटीपीसीआर मशीन और 28 नई ऑटोमैटिक आरएनए एक्सट्रेक्शन मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं.

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