कोटा: जुलाई में दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा कोरोना, समझिये आंकड़ें

कोटा शहर समेत जिले में कोरोना का वायरस दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है. 

कोटा: जुलाई में दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा कोरोना, समझिये आंकड़ें
प्रतीकात्मक तस्वीर

मुकेश सोनी, कोटा: राजस्थान के कोटा शहर समेत जिले में कोरोना का वायरस दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है. लॉकडाउन में पहले जहां 59 दिन में 500 मरीज मिले थे. जबकि वर्तमान में अनलॉक- 2 में 24 दिन में 513 मरीज मिले हैं. इसमें सबसे बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका सेम्पलिंग की है. पहले की अपेक्षा अब सेम्पलिंग ज्यादा होने से मरीज ज्यादा सामने पकड़ में आ रहे है. खासकर के इन दिनों नए कोटा में ज्यादा संक्रमित सामने आ रहे हैं.

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समझे आंकड़ें
5 अप्रैल से 30 जून तक आंकड़ा केवल 600 के पार पहुंचा था।. यानि 86 दिन में 669 जने कोरोना संक्रमित मिले थे. जबकि 1 से 24 जुलाई तक आंकड़ा 669 से बढ़कर 1182 तक जा पहुंचा. यानी 24 दिन में 513 ओर नए जने संक्रमित मिले.

जब इसका विश्लेषण किया तो सामने आया कि शुरुआती 86 दिन में जहां औसत 8 जने प्रतिदिन संक्रमितों का आंकड़ा रहा. वहीं, जुलाई माह शुरू होते ही ये ढाई गुनी रफ्तार से बढ़ गया. जुलाई के 24 दिन में 513 जने संक्रमित मिल चूके हैं. यानि 21 जने प्रतिदिन संक्रमित मिल रहे हैं.

5 अप्रैल से 3 जून तक (59दिन) में 500 पॉजिटिव
5 अप्रैल से 30 जून तक (86 दिन ) में 669 पॉजिटिव
1 से 24 जुलाई (24 दिन)  में 513 पॉजिटिव
कुल 110 दिन  में  1182 पॉजिटिव

30 से ज्यादा कॉलोनियों में संक्रमण
जुलाई माह में कोरोना का संक्रमण शहर की 30 से ज्यादा कॉलोनियों में फैला. यही नहीं पुलिस थाना, सेंट्रल जेल, सरकारी स्कूल में टीचर भी संक्रमित मिले. शहर के महावीर नगर, बालकुण्ड, विज्ञान नगर, बोरखेड़ा, बजरंग नगर, खेड़ली फाटक, छावनी, टिपटा सहित एक दर्जन इलाके ऐसे हैं जहां से बड़ी संख्या में संक्रमित मिल रहे हैं.
 
ऐसे बढ़े मरीज
कोटा शहर में मेडिकल कॉलेज की टीम ने 4 अप्रेल से 22 जुलाई तक सेम्पलिंग का काम किया. इसमें 86093 सेम्पलिंग की. जिसमें से 619 पॉजिटिव मरीज मिले. जबकि 10 मई से 22 जुलाई तक सीएमएचओ की टीम ने 62901 सेम्पलिंग की. जिसमें 543 कोरोना पॉजिटिव मिले. इसके अलावा सीएमएचओ विभाग की ओर से 13 जुलाई को सीएचसी व पीएचसी पर शुरू की गई टारगेट सेम्पलिंग में इन 24 दिनों में 4550 सेम्पलिंग में 123 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं.

टारगेट सेम्पलिंग से बढ़ी रफ्तार
जिला प्रशासन के सहयोग से चिकित्सा विभाग की सीएचसी व पीएचसी पर शुरू की गई (लीसा) लाइफ सेविंग अभियान के तहत  टारगेट सेम्पलिंग से अधिक से अधिक मरीजों को ट्रेसिंग करने में सफलता मिलती जा रही. इसमें खास बात यह है कि हाईरिस्क ग्रुप (आईएलआई) के मरीजों को पहली प्राथमिकता दी जा रही है.

इनका यह कहना
डॉ. रुद्राक्ष शर्मा, कंट्रोल रुम प्रभारी, सीएमएचओ और डॉ. बीएस तंवर, सीएमएचओ ने जानकारी देते हुए बताया कि लाइफ सेविंग अभियान में हाई रिस्क ग्रुप को प्राथमिकता दी जाती है.  इसमें जिनकी रोग प्रतिरोध क्षमता कम है और डायबिटिज, ब्लड प्रेशर व हार्ट बीमारी से पीड़ित हैं. ऐसे मरीजों की सीएचसी व पीएचसी पर सेम्पलिंग की जा रही है. पेंशनर्स भी इसी श्रेणी में आते हैं. ऐसे मरीजों को खुद आगे आकर कोरोना की जांच करवानी चाहिए.

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