कोरोना संदिग्धों के लिए राहत की खबर, अब धौलपुर में ही हो सकेगी कोविड जांच

इससे चिकित्सालय प्रशासन को नमूने जयुपर भेजने के झंझट से तो मुक्ति मिलेगी ही, साथ ही मरीजों को भी रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

कोरोना संदिग्धों के लिए राहत की खबर, अब धौलपुर में ही हो सकेगी कोविड जांच
अब धौलपुर में ही कोविड-19 की जांच हो जाएगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भानु शर्मा/धौलपुर: कोरोना संदिग्धों के लिए राहत की खबर है. अब जिला मुख्यालय स्थित राजकीय सामान्य चिकित्सालय में ही कोविड-19 की जांच हो सकेगी. इससे चिकित्सालय प्रशासन को नमूने जयुपर भेजने के झंझट से तो मुक्ति मिलेगी ही, साथ ही मरीजों को भी रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इसके लिए जिला चिकित्सालय के पुराने जनाना वार्ड स्थित शिशु वार्ड में लैब की स्थापना की गई है.

राजस्थान सरकार की ओर से भेजी गई मशीनों को स्थापित कर दिया गया है. जिला मुख्यालय पर दस सैंपलों की जांच की गई थी, जिनका परीक्षण जोधपुर एम्स में भी किया गया, जिसके बाद रिपोर्ट का मिलान होने पर जोधपुर एम्स ने हरी झंडी दे दी है. जिसके बाद जांच करने के लिए मंजूरी मिल गई. 

अब जिला चिकित्सालय को आईसीएमआर (ICMR) पुणे की स्वीकृति का इंतजार है. यह करीब 7 से 8 दिन में आने की संभावना है. इसके बाद जिला मुख्यालय पर ही कोरोना संदिग्धों के नमूने लेकर जांच की जा सकेगी. इससे चिकित्सा विभाग को तो राहत मिलेगी, साथ ही मरीजों को भी लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
 
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिंह ने बताया कि सर्दी के मौसम में कोरोना के बढ़ते मरीजों की पहचान करने के लिए राज्य सरकार ने जांच मशीनों को जयपुर से भेजा है. इसके बाद इनको स्थापित करा दिया गया है. साथ ही, स्थानीय स्तर पर ही छह लैब टेक्निशियनों को जयपुर में प्रशिक्षण दिलाया गया है. इसके अलावा दो चिकित्सक भी शामिल हैं, जिनकी देखरेख में जांच की जाएंगी. मशीनों की कीमत करोड़ों की है. वहीं लैब के सिविल कार्य में ही बीस लाख रुपए खर्च किए गए हैं. फिलहाल, जोधपुर एम्स से मंजूरी मिल गई है.

डॉ. समरवीर सिंह ने बताया कि जोधपुर एम्स से हरी झंडी मिलने के बाद अब इंडियन काउंसलिंग ऑफ माइक्रोबायोलॉजी एंड रिसर्च पुणे की स्वीकृति का इंतजार है. पुणे के रिसर्च सेंटर द्वारा हरी झंडी मिलते ही अगले दिन धौलपुर में कोविड-19 के सैंपल का टेस्ट शुरू हो जाएगा.