Coronavirus: विदेश यात्रा करने की बात छुपाकर मरीजों का इलाज करता रहा यह डॉक्टर, फिर...

डॉक्टर अपने परिवार के साथ विदेश यात्रा से वापस आने के बाद अपने हॉस्पिटल में हजारों की संख्या में मरीजों को देखने में बिजी हो गया. 

Coronavirus: विदेश यात्रा करने की बात छुपाकर मरीजों का इलाज करता रहा यह डॉक्टर, फिर...
डॉक्टर ने विदेश से आने के बाद किसी को इसकी कानो कान भनक तक नहीं होने दी.

भिवाड़ी: पूरे देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के खौफ के बाद कई लोग इस महामारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. ऐसा ही एक मामला राजस्थान के भिवाड़ी में आया है, जहां एक एमबीबीएस डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है. खबर के मुताबक, डॉक्टर अपने परिवार के साथ विदेश यात्रा से वापस आने के बाद अपने हॉस्पिटल में हजारों की संख्या में मरीजों को देखने में बिजी हो गया. 

यहां तक कि, डॉक्टर ने विदेश से आने के बाद किसी को इसकी कानो कान भनक तक नहीं होने दी. लेकिन जब शनिवार को तिजारा एसडीएम खेमाराम यादव को इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने तुरंत हॉस्पिटल में बीसीएमओ सहित मेडिकल टीम को रवाना किया. 

खबर के मुताबिक, टीम ने डॉक्टर राकेश सोनी की स्क्रीनिंग कर उन्हें होम आईसीलोशन पर रखा साथ ही कुछ दोनों के लिए उनके हॉस्पिटल को भी बंद करवा दिया गया. दरअसल, डॉक्टर राकेश सोनी का भिवाडी में सोनी हॉस्पिटल के नाम से एक अस्पताल है. डॉ सोनी 14 मार्च को दुबई यात्रा से वापस भिवाडी लौटे थे, लेकिन किसी को कोई जानकारी दिए बगैर 15 मार्च से लगातार ओपीडी देख रहे थे.

इस दौरान डॉक्टर ने बगैर अपनी स्क्रीनिंग करवाए हजारों मरीजों को देखा. वहीं, जब इसकी जानकारी लोगों को हुई तो शनिवार को डॉक्टरों ने हॉस्पिटल को बंद करवाते हुए वहां इस दौरान आए मरीजों की भी रिपोर्ट ली. साथ ही, कुछ दिनों के लिए डॉक्टर को होम आईसीलोशन पर रखा गया है.

बीसीएमओ डॉ रविन्दर के मुताबिक, हमने एसडीएम साहब से जानकारी लगी कि डॉ राकेश सोनी दुबई विदेश यात्रा से 14 मार्च को लौटे है, जिसकी उन्होंने जानकारी नहीं दी थी. जिसके बाद हमने भिवाडी मेडिकल टीम के साथ यहां पहुंचकर अस्पताल का डाटा कलेक्ट किया है. साथ ही, डॉ सोनी को होम आईसीलोशन पर रखा गया है, सा. ही कुछ दिनों के लिए अस्पताल को भी बंद करवाया गया है.

वहीं, दूसरी ओर डॉ राकेश सोनी का कहना है कि मैं दुबई के ऐसे इलाके में गया था, जहां इस तरह का कोई संक्रमण नहीं था. वापसी में हमने एयरपोर्ट में भी एक फॉर्म भरा था. मैने इसकी जानकारी किसी को नहीं दी. जैसे ही मुझे आदेश मिले है मैने अस्पताल की ओपीडी को बंद कर दिया है. मुझे किसी प्रकार का कोई कॅरोना संक्रमण नहीं है.