जल्द हारेगा कोरोना वायरस, दिल्ली में शुरू हुआ देश का पहला प्लाज्मा बैंक

कोरोना बीमारी से ठीक हो चुके व्यक्ति के खून से एंटीबॉडीज (Antibody) लेकर बीमार व्यक्ति के शरीर में ट्रांसफर किए जाते हैं. 

जल्द हारेगा कोरोना वायरस, दिल्ली में शुरू हुआ देश का पहला प्लाज्मा बैंक
कोरोना के इलाज के लिए देश का पहला प्लाज़्मा बैंक है.

नई दिल्ली: पूरा देश जहां कोरोना महामारी से जूझ रहा है, वहीं राजधानी दिल्ली में प्लाज्मा बैंक आज से शुरू हुआ है. यह बैंक कोरोना पीड़ित हज़ारों लाखों लोगों की जिंदगी बचा सकता है. कोविड मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) काफी कारगर साबित हो रही है. प्लाज्मा बैंक खुलने से कोरोना मरीजों के इलाज में तेजी आएगी. यहां कोरोना से ठीक हो चुके लोगों अपना प्लाज्मा दान कर सकते हैं.

आज से प्लाज़्मा बैंक की शुरुआत हो रही है. कोरोना के इलाज के लिए देश का पहला प्लाज़्मा बैंक है. अब लोगों को प्लाज़्मा के लिए ज्यादा दिक्कत नही होगी. देश का पहला प्लाज्मा बैंक ILBS HOSPITAL मे शुरू होने जा रहा है. अभी तक लोगों को प्लाज्मा लेने मे दिक्कत आ रही थी लेकिन अब उम्मीद है कि बैंक के बन जाने से दिक्कत दूर होगी. लेकिन ये प्लाज्मा बैंक तभी सफल होगा, जब लोग आगे आकर प्लाज्मा डोनेट करेंगे.

ऐसे आप भी कर सकते हैं प्लाज्मा डोनेशन
यदि आप प्लाज्मा डोनेट करना चाहते हैं तो 1031 पर कॉल करें या 88-000-07722 पर Whatsapp करें. हमारे डाक्टर आपसे बात कर आपकी eligibility के हिसाब से आपको सही सलाह और जानकारी देंगे. रजिस्ट्रेशन के बाद दिल्ली सरकार से फ़ोन जाएगा, प्लाज़्मा डोनेशन का टाइम फिक्स हो जाएगा. घर पर गाड़ी भेज दी जाएगी. 18 से 60 साल की उम्र के वे लोग जिन्हें कोरोना से ठीक हुए 14 दिन हो गए हैं, जिनका वजन 50 किलो से ज्यादा है वे प्लाज्मा दे सकते हैं.

ये लोग नहीं दे सकते प्लाज्मा
महिलाएं जो कभी एक बार भी प्रेग्नेंट हुई, वे प्लाज्मा नहीं दे सकती. शुगर मरीज, हाइपरटेंशन की बीमारी है या बीपी 140 से ज्यादा है, वे प्लाज्मा नहीं दे सकते. कैंसर सर्वाइवर नहीं दे सकते. किडनी, हार्ट की बीमारी से ग्रुस्त लोग प्लाज्मा  नहीं दे सकते. प्लाज्मा डोनेट करने वालों को सरकार की ओर से गौरव पत्र दिया जाएगा कि उन्होंने समाज के लिए अच्छा काम किया है. लोगों से अपील की गई है कि प्लाज्मा डोनेट करने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा प्रेरित करें ताकि कोरोना मरीजों की जान बचाई जा सके.

ये है प्लाज्मा थेरेपी
कोरोना बीमारी से ठीक हो चुके व्यक्ति के खून से एंटीबॉडीज (Antibody) लेकर बीमार व्यक्ति के शरीर में ट्रांसफर किए जाते हैं. इससे मरीज के शरीर में बीमारी से लड़ने की ताकत बढ़ती है. एंटीबॉडी को इम्युनोग्लोबुलिन भी कहा जाता है. यह शरीर द्वारा तैयार प्रोटीन होता है, जो एंटीजन नामक बाहरी नुकसानदायक तत्वों से लड़ने में मदद करता है.