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जयपुर: गहलोत सरकार नहीं रुकने देगी विकास का पहिया, लिया CSR का सहारा

राजस्थान में सरकार अब सीएसआर (CSR) यानी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत विभिन्न विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम करेगी. 

जयपुर: गहलोत सरकार नहीं रुकने देगी विकास का पहिया, लिया CSR का सहारा
अशोक गहलोत. (फाइल फोटो)

जयपुर: केंद्र सरकार से मिलने वाले राशि में कटौती होने के चलते राजस्थान में विकास योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सीएसआर (Corporate Social Responsibility) यानी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व का सहारा ले रहे हैं. 

राजस्थान (Rajasthan) की विकास योजनाओं की गति पर देश की आर्थिक मंदी का कोई असर नहीं हो, इसके लिए सीएसआर प्राधिकरण और सीएसआर (Corporate Social Responsibility) कोष का भी गठन किया गया है. इस प्राधिकरण में 18 सदस्य होंगे और इन्हें मार्गदर्शन देने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय परामर्श दात्री मंडल का भी गठन हुआ है.

राजस्थान में सरकार अब सीएसआर (CSR) यानी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत विभिन्न विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम करेगी. केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि में कटौती के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान में प्रभावी सीएसआर (Corporate Social Responsibility) प्राधिकरण का गठन किया गया है. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित यह 18 सदस्य प्राधिकरण राज्य में विभिन्न औद्योगिक समूह के साथ समन्वय स्थापित करने का काम करेगा.

मंडल करेगा प्राधिकरण का मार्गदर्शन
प्राधिकरण इन समूह को भारतीय कंपनी अधिनियम के तहत सीएसआर प्रावधानों एवं गतिविधियों के संबंध में मार्गदर्शन देगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय परामर्श दात्री मंडल भी गठित किया गया है. यह मंडल प्राधिकरण को समय-समय पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा. इस मंडल में उद्योग मंत्री उपाध्यक्ष होंगे.

साथ ही चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री, वन एवं पर्यावरण मंत्री, शिक्षामंत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री के साथ मुख्य सचिव उद्योग, महिला एवं बाल विकास सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, ग्रामीण विकास विभागों के अध्यक्ष मुख्य सचिव और प्रमुख शासन सचिव के साथ मनोनीत उद्योग जगत के 4 प्रतिनिधि सदस्य होंगे. उद्योग विभाग के आयुक्त एवं शासन सचिव परामर्श दात्री मंडल के सदस्य सचिव होंगे. 

औद्योगिक समूह से सुझाव लिए जाएंगे
इस प्राधिकरण के स्तर पर राज्य में सीएसआर (Corporate Social Responsibility) कोष स्थापित किया जाएगा. इस राशि से राज्य की प्राथमिकताओं के अनुसार आधारभूत सुविधाओं का कार्य किया जाएगा. इसके लिए औद्योगिक समूह से सुझाव लिए जाएंगे. प्राधिकरण जिला कलेक्टर एवं विभागों के समन्वय करते हुए आवश्यक काम करने के साथ ही कार्यों को चिन्हित करने और उनकी योजना बनाएगा साथ ही सरकार को नियमित रूप से अपडेट करेगा. 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की मंशा है कि राजस्थान में जो उद्यमी सीएसआर के तहत विकास कार्यों में विकास योजनाओं में सहयोग करना चाहते हैं, उनको सरकार की तरफ से व्यवस्थित सिस्टम उपलब्ध करवाया जा सके ताकि सरकार के महत्वपूर्ण योजनाओं में सीएसआर एक अहम भूमिका अदा कर सकें.