राजस्थान में चलेगा कोरोना जागरूकता अभियान, CM गहलोत ने की समीक्षा

अभियान के माध्यम से राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर व्यक्ति को कोरोना से बचने के उपायों के बारे में जागरुक किया जाए.

राजस्थान में चलेगा कोरोना जागरूकता अभियान, CM गहलोत ने की समीक्षा
सरकार प्रदेश में बड़े स्तर पर 10 दिवसीय जागरूकता अभियान चलाने जा रही है.

जयपुर: राजस्थान सरकार प्रदेश में कोरोना महामारी को लेकर नागरिकों को जागरूक करने के मकसद से 21 से 30 जून तक प्रदेश व्यापी अभियान चलाने जा रही है. अभियान की तैयारियों को लेकर आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ली. 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में राजस्थान सरकार के सभी मंत्री जिला कलेक्टर जिला एसपी और चिकित्सा विभाग के अधिकारी जुड़े हुए थे. राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य होगा, जो प्रदेश स्तर पर इतना बड़ा अभियान चलाने जा रहा है.

सरकार प्रदेश में बड़े स्तर पर 10 दिवसीय जागरूकता अभियान चलाने जा रही है. अभियान की तैयारियों को लेकर आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ली. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रति जागरूकता पैदा करने का बड़ा काम प्रदेश में 21 जून से शुरू होने जा रहा है. दस दिन तक विशेष जागरूकता अभियान चलाकर कोरोना से बचाव का संदेश गांव-ढाणी तक पहुंचाया जाएगा. लोगों को बार-बार हाथ धोने, दो गज की दूरी बनाए रखने, बिना मास्क बाहर नहीं जाने और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने जैसी बातों को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाना होगा.

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, ग्रास रूट स्तर के कार्मिकों को मिशन मोड पर काम कर इस अभियान को सफल बनाना होगा. गहलोत ने कहा कि लोगों का जीवन बचाने के लिए इतने बड़े स्तर पर जागरुकता अभियान चलाने वाला राजस्थान पहला राज्य है.

और क्या बोले सीएम गहलोत
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने संकट की इस घड़ी का उपयोग प्रदेश में हैल्थ इन्फ़्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में किया है. इसी का परिणाम है कि इस बीमारी की शुरूआत के समय जहां हमारे पास जांच की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी, वहां आज हमने अन्य पड़ोसी राज्यों को 5 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने जैसी पेशकश की है. रुथलैस कंटेनमेंट, घर-घर स्क्रीनिंग, टेस्टिंग तथा गैर कोरोना बीमारियों के इलाज और 550 मोबाइल ओपीडी सेवाओं, संस्थागत प्रसय, टीकाकरण की सराहना की गई है. 

गहलोत ने कहा कि जागरूकता अभियान में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करते हुए नुक्कड़ नाटक, लोक गीत, कठपुतली आदि के जरिए जीविकोपार्जन करने वाले लोक कलाकारों की भी सेवाएं ली जाएं. इससे उन्हें जहां एक ओर आर्थिक संबल मिल सकेगा साथ ही हम निचले स्तर तक स्थानीय बोली में कोरोना से बचाव और इसके खतरों की जानकारी पहुंचाने में उनकी मदद ले पाएंगे.

कोरोना को लेकर फैलाई जाएगी जागरूकता 
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में फिलहाल 17 जिलों में कोरोना की टेस्टिंग सुविधा विकसित कर ली गई है. आने वाले समय में हम सभी जिलों में जांच करने के लक्ष्य को हासिल करेंगे. साथ ही प्रतिदिन 40 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने का भी लक्ष्य हमने निर्धारित किया है. कला संस्कृति मंत्री बी.डी. कल्ला ने कहा कि लोक कलाकारों की भी जागरूकता अभियान में सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी. शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि अभियान में विभाग के स्तर पर भी पूरा सहयोग किया जाएगा. महिला बाल विकास राज्य मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में कोरोना को लेकर जागरूकता फैलाएंगी.

मुख्य सचिय  डी.बी. गुप्ता ने कहा कि जन आधार से जुड़े हुए 1 करोड़ 93 लाख लोगों के मोबाइल पर कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता संदेश भेजे जाएंगे. साथ ही जिला, ब्लॉक एवं पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रास रूट तक कार्मिकों को इससे जोड़ा जाएगा.

इन लोगों की रहेगी खास भूमिका
अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप ने कहा कि अभियान के दौरान निजी कार्यस्थलों एवं वाणिज्यिक संस्थानों के परिसरों में कोरोना से सुरक्षात्मक उपायों को प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा. उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर लोगों की अधिक आवाजाही रहती है, वहां इस तरह के होर्डिंग्स, बैनर लगाये जाएंगे. अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने कहा कि प्रति 10 लाख की जनसंख्या में जांचों की संख्या, केस डबलिंग रेट के औसत तथा पॉजिटिव से नेगेटिव होने की दर में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है. 

अभियान की सफलता की रणनीति तैयार की गई 
प्रदेश में उन्होंने बताया कि सिविल सोसायटी, सामुदायिक संगठनों, 'ट्रिपल-ए यानी आशा सहयोगिनियों, एएनएम तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अभियान में बड़ी भूमिका रहेगी. सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी ने जागरूकता अभियान के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया. उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में प्रचार-प्रसार के सभी माध्यमों का उपयोग जागरूकता अभियान में किया जाएगा ऑडियो-विजुअल सामग्री, समाचार पत्रों एवं टी.वी. पर विज्ञापन, रेडियो पर जिंगल्स, होडिंग्स, पोस्टर बैनर, सनबोर्ड, सनपैक, डिजिटल वॉल पेन्टिंग, बसों पर बिनायल पेस्टिंग, पैम्फलेट, सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर तक अभियान की सफलता की रणनीति तैयार की गई है. 

जिलों को अलग से बजट भी जारी किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि जागरूकता फैलाने के लिए जिलों में नवाचारों को अपनाएं. इस अभियान के माध्यम से राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर व्यक्ति को कोरोना से बचने के उपायों के बारे में जागरुक किया जाए ताकि कोरोना पर काबू पाया जा सके.