Rajasthan Assembly में उठा Credit Cooperative Societies की ठगी का मुद्दा, CM बोले...

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने अपने खून - पसीने का पैसा इन सोसाइटी में जमा करवाया, लेकिन उनके साथ धोखाधड़ी हो गई. इस सवाल के जवाब के दौरान मंत्री टीकाराम जूली ने बिना नाम लिए केंद्रीय मंत्री का ज़िक्र भी किया.

Rajasthan Assembly में उठा Credit Cooperative Societies की ठगी का मुद्दा, CM बोले...
सवाल के जवाब के दौरान मंत्री टीकाराम जूली ने बिना नाम लिए केंद्रीय मंत्री का ज़िक्र भी किया.

Jaipur: प्रदेश के निवेशकों को मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाली क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों (Credit Cooperative Society) का मुद्दा आज विधानसभा में गूंजा. 

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प्रश्नकाल के दौरान मावली विधायक धर्मनारायण जोशी (Dharmnarayan Joshi) के सवाल पर मंत्री टीकाराम जूली (Tikaram Jully) ने जवाब दिया लेकिन मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा कि इस मामले से लाखों लोग जुड़े हैं. 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने अपने खून - पसीने का पैसा इन सोसाइटी में जमा करवाया, लेकिन उनके साथ धोखाधड़ी हो गई. इस सवाल के जवाब के दौरान मंत्री टीकाराम जूली ने बिना नाम लिए केंद्रीय मंत्री का ज़िक्र भी किया.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिया जवाब
गुरुवार को विधानसभा में क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटीज़ का मामला उठा तो इसका जवाब सहकारिता मंत्री की गैर मौजूदगी के चलते श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने दिया. इस दौरान मूल प्रश्नकर्ता धर्म नारायण जोशी के अलावा नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी मुद्दे की गंभीरता समझते हुए पूरक प्रश्न किया. इस पर प्रश्नकाल के दौरान सदन में मौजूद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मुद्दे पर पूरी गंभीरता दिखाई. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कहा कि इस मामले में सरकार की मंशा साफ है. उन्होंने कहा कि निवेशकों को पैसा वापस मिलना चाहिए. सीएम ने कहा कि इसके लिए सदन चाहे तो आधा घंटे अलग से चर्चा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह मामला केंद्र से भी जुड़ा हुआ है इसके लिए केंद्र सरकार को भी राज्य सरकार की ओर से पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अगर सदन चाहे तो राज्य सरकार भी कानून को लेकर अलग से चर्चा कर सकती है.

क्या बोले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया 
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बहुत से लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने रिटायरमेंट के बाद पैसा इन सोसाइटी में जमा करवा दिया, लेकिन उनके साथ धोखाधड़ी हो गई. अब इन धोखाधड़ी करने वाले सोसायटी ओं के संचालकों को जेल में डालने से उनको कोई राहत नहीं मिलने वाली है, उनको इनकी संपत्ति जप्त कर उनको पैसा लौटाने की कार्रवाई की जाए. कटारिया ने कहा कि इसके लिए सरकार को जो करना हो वह करे ताकि आगे तो इस तरह की कोई ठगी नहीं हो सके.

क्या जवाब दिया श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने
इससे पहले सहकारिता मंत्री की जगह जवाब देते हुए श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि इन सोसाइटी के खिलाफ कार्रवाई करने का मामला केंद्र के अधीन आता है. राज्य सरकार की ओर से केंद्र को पहले ही पत्र लिखा जा चुका है. साथ ही करीब 75 हजार से अधिक शिकायतें इन सोसाइटी के खिलाफ दर्ज हुई हैं, जिनमें 16 हजार करोड़ से ज्यादा का धोखाधड़ी सामने आई है. राज्य सरकार की ओर से इसके नियम तैयार किए गए हैं, जो केंद्र को भेजे गए हैं. जैसे नियम उनको केंद्र से मंजूरी मिल जाएगी तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकेगी. केंद्र के कानून के तहत कोर्ट में इस्तगासा भी दायर करवाए गए हैं.

बिना नाम लिए केंद्रीय मंत्री पर भी जूली ने लगाया आरोप 
श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने इन धोखाधड़ी करने वाली सोसाइटी के खिलाफ सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि जिन सोसायटीज़ के नाम सामने आए हैं, उनमें आपके एक केंद्रीय मंत्री की पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के भी नाम आए हैं. जिन्होंने विदेशों में जमीन भी खरीदी है हालांकि इस मामले पर विपक्ष की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई.