दौसा के किसानों की किस्मत पर कुदरत का कहर, फसलों को नुकसान

दौसा में लगातार पड़ रही कड़ाके की सर्दी किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है.  

दौसा के किसानों की किस्मत पर कुदरत का कहर, फसलों को नुकसान
प्रतीकात्मक फोटो

दौसा: जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की सर्दी किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है. ठण्ड के चलते गेंहू, जौ और सरसों के साथ साथ सब्जी की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है. 

दौसा के किसान चिंता में हैं. कड़ाके की ठंड ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है. लगातार मौसम विभाग द्वारा मौसम के खराब होने की मिल रही चेतावनियों ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है. दौसा क्षेत्र के किसानों ने इस बार सरसो, गेंहू और जो की फसल बोई थी, किसानों को उम्मीद थी की इससे मुनाफा अच्छा मिल सकेगा, लेकिन कड़ाके की ठंड बैरन बन गई है और फसल को पाले की चपेट में ले लिया.

ये परेशानी एक दो किसानों की नहीं बल्कि जिले के अधिकतर किसानों की है. फसल के पाले की चपेट में आने से सभी किसान चिंतित हैं. किसानों का कहना है कि लगभग 40 फीसदी फसल पाले की चपेट में आ गयी, जिसके चलते अब पैदावार कम ही होगी और उसकी गुणवत्ता भी पाले के चलते ज्यादा अच्छी नहीं होगी.

किसानों को ये दर्द कोई और नहीं बल्कि कुदरत दे रही है. किसानों की परेशानी कम हो इसके लिये राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा भी साथ आए हैं. किरोड़ीलाल मीणा का कहना है कि, 'एक ओर जहां कुदरत अन्नदाताओं पर कहर बरसा रही है वहीं दूसरी ओर प्रदेश की सरकार भी किसानों के साथ अन्याय कर रही है, लेकिन मैं किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा'. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि, 'इस कड़ाके की ठंड में फसलों की सिंचाई के लिये सरकार रात्री की जगह दिन में बिजली दे अन्यथा मैं किसानों को साथ लेकर धरना दूंगा'.