राजस्थान पुलिस के लिए चुनौती बना साइबर क्राइम, 23 लोग हुए गिरफ्तार

साइबर अपराधों के मामले में राजस्थान की स्थिति भयावह है. आलम ये है कि घर बैठे-बैठे आपके पास एक फोन आता है, जिसके बाद आपके अकाउंट से आपकी गाढ़ी कमाई पार हो जाती.

राजस्थान पुलिस के लिए चुनौती बना साइबर क्राइम, 23 लोग हुए गिरफ्तार
डिजिटल जमाने में साइबर अटैक पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है.

जयपुर: डिजिटल जमाने में साइबर अटैक पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है. प्रदेश भर में साइबर क्राइम का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. हाइटेक तरीके से ठगी का ट्रेंड बदल गया है. पुलिस के परंपरागत तरीकों से कुछ वारदातें तो सुलझीं, लेकिन अधिकांश घटनाएं अनसुलझी है.

साइबर अपराधों के मामले में राजस्थान की स्थिति भयावह है. आलम ये है कि घर बैठे-बैठे आपके पास एक फोन आता है, जिसके बाद आपके अकाउंट से आपकी गाढ़ी कमाई पार हो जाती. ये कॉल होता है उन शातिर ठगों का जो नई-नई तकनीक के जरिए आपको अपना टार्गेट बनाते है. राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी लंबे समय से इस तरह के कॉल सेंटर संचालित हो रहे है. जिनके जरिए अब इंडिया में नहीं बल्कि देश के बाहर लोगों को ठगने की ट्रेनिंग दी जाती है. देश में बैठकर इंटरनेट कॉल के जरिए चलने वाले ये रैकेट अपने आप में इतने शातिर है.

डिजिटल जमाने में साइबर अटैक पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है. प्रदेश भर में साइबर क्राइम का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. हाइटेक तरीके से ठगी का ट्रेंड बदल गया है. पुलिस के परंपरागत तरीकों से कुछ वारदातें तो सुलझीं, लेकिन अधिकांश घटनाएं अनसुलझी हैं. शातिर ठगों ने डिजिटल जमाने में ठगी कर पुलिस का चैन उड़ा दिया है. पुलिस के जागरूक अभियान के बावजूद पढ़ा-लिखा वर्ग भी अपनी जमा पूंजी गंवा रहा है. जरा सी चूक आपका बैंक खाता जीरो कर रही है. यहां तक की बड़े-बड़े कारोबारी, रिटायर्ड सैन्य अधिकारी, रिटायर्ड शिक्षक, डाक्टर, जमींदार आदि पढ़ा-लिखा वर्ग ठगी का शिकार हो चुके हैं. पुलिस ने मामले तो दर्ज किए लेकिन कई मामले तो आज भी अनसुलझे हैं जबकि जो सुलझे हैं. उनमें भी पूरी तरह रिकवरी नहीं हो पाई. अब बैंक खाते को लेकर लोग सजग हुए तो इंटरनेट कॉल के जरिये ठगी,OTP, पेटीएम से जुड़ी ठगी होने लगी है.

ठगी की प्लानिंग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में लंबे समय से इंटरनेशनल कॉल सेंटर संचालित हो रहे थे. जिनके जरिए लोगों को ठग रहे गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इसका खुलासा कमिश्नरेट स्पेशल सैल और जयपुर साउथ पुलिस ने किया. जयपुर साउथ पुलिस ने सायबर सैल की सहायता से देर रात शहर के अलग-अलग थाना इलाकों में दबिश देकर 2 फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटरों का पर्दाफाश कर 23 लोगों को गिरफ्तार किया है.

ऑनलाइन ठगी की वारदातों को लेकर जयपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. माना जा रहा है कि जल्द ऐसे मामलों में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती है. ऐसे में राजधानी से संचालित हो रहे ठगी के इन कॉल सेंटर्स की स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगने से पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे है. या फिर इन कॉल सेंटर्स को कोई बड़ा संरक्षण प्राप्त है, इसकी भी जांच होनी चाहिए. बहरहाल, जरूरत है कि आप सजग रहें, सावधान रहें. किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी से बचें.