जोधपुर में टिड्डी नियंत्रण स्प्रे के बाद भी हो रहा खेत खलिहानों को नुकसान

टिड्डी दल पर नियंत्रण पाने के लिए बुधवार को सवेरे नायब तहसीलदार शांतिलाल तंवर की मौजूदगी में टिड्डी नियंत्रण टीम द्वारा तीन गाड़ियां लगाकर स्प्रे किया जा रहा है. 

जोधपुर में टिड्डी नियंत्रण स्प्रे के बाद भी हो रहा खेत खलिहानों को नुकसान
टिड्डों के कारण शेरगढ़ इलाके में रेगिस्तानी वनस्पति नष्ट हो रही है.

शेरगढ़: जोधपुर के शेरगढ़ क्षेत्र में इन दिनों टिड्डी दल का पूर्ण तरह से खात्मा नहीं होने से जगह-जगह खेतों में पेड़-पौधों व रेगिस्तानी वनस्पति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यही हाल रहा तो भेड़ -बकरियों आदि मवेशियों के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो जाएगी. प्रशासन द्वारा टिड्डी नियंत्रण के लिए स्प्रे करवाया जा रहा है लेकिन अभी तक पूर्ण रूप से नियंत्रण नहीं हो पाया है. 

वहीं, टिड्डों के कारण शेरगढ़ इलाके में रेगिस्तानी वनस्पति नष्ट हो रही है. मंगलवार शाम को गजेसिंह नगर से उड़कर टिड्डी दल ने ग्राम पंचायत चतुरपुरा के रेतीले धोरों के बीच करीब 2 किलोमीटर के दायरे में पड़ाव लगा रखा है. जिसके कारण खेजड़ी, रोहिड़ा, कुमट, नीम व आक आदि पेड़ पौधे व रेगिस्तानी वनस्पति नष्ट हो रही है. 

हालांकि, टिड्डी दल पर नियंत्रण पाने के लिए बुधवार को सवेरे नायब तहसीलदार शांतिलाल तंवर की मौजूदगी में टिड्डी नियंत्रण टीम द्वारा तीन गाड़ियां लगाकर स्प्रे किया जा रहा है. लेकिन स्प्रे करने वाले ट्रैक्टर आदि वाहनों के लिए संबंधित टिड्डी विभाग द्वारा डीजल उपलब्ध नहीं करवाया जाने के कारण स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से डीजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है. गजेसिंह नगर से उड़कर बड़ी संख्या में टिड्डी दल पदमपुरा (फलसूण्ड) भी पहुंच गया है जहां पर भी स्प्रे करके उस पर नियंत्रण पाया जा रहा है.

बता दें कि, राजस्थान में फसलों पर टिड्डियों के हमले से उत्पन्न स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने 10 माइक्रोनेयर स्प्रेयर खरीदने का फैसला किया है और अंतरराष्ट्रीय कंपनी माइक्रोन को माइक्रोनेयर स्प्रेयर मुहैया करवाने का ऑर्डर दिया गया है. खबर के मुताबिक, ये मशीनें जल्द भारत पहुंच जाएंगी और इनका इस्तेमाल किए जाने से टिड्डी नियंत्रण कार्य को गति मिलेगी. 

वहीं, कृषि मंत्रालय के मुताबिक भारत सरकार ने टिड्डी नियंत्रण के लिए टिड्डी नियंत्रण संगठन के कर्मचारियों के अतिरक्त केंद्र सरकार के अधिकारियों को भी प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया और नियंत्रण कार्यक्रम में केंद्र सरकार के 146 कर्मी व 30 वाहन लगाए गए.

वहीं, पाकिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों में जहां टिड्डियों का प्रकोप ज्यादा रहा वहां बोर्ड के नजदीक अस्थाई कैंप बनाकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को तैनात किया गया. भारत सरकार द्वारा 45 वाहन युक्त माइक्रोनेयर/अल्वा मास्ट पावर स्प्रेयर के अतिरक्त टिड्डी के कम तीव्रता वाले स्थानों पर 35-40 हस्त संचालित स्प्रेयर का उपयोग किया गया.