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Dausa News: राजस्थान के दौसा जिले में रामगढ़ पचवारा बस स्टैंड पर 3 साल पूर्व स्थापित की गई बिरसा मुंडा की मूर्ति जब लोगों को खंडित मिली तो लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया. हालात को देखते हुए मौके पर 3 थानों की पुलिस और राजस्थान आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी के जवानों को तैनात किया है. लोगों ने एक ओर जहां रामगढ़ पचवारा थाने में अज्ञात के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया.
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पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है. घटना दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा कस्बे में बस स्टैंड पर हुई. लोगों ने सर्किल बनाकर नई मूर्ति स्थापित करने की मांग की. साथ ही घटनास्थल पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए.लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी. धरने में रामगढ़ पचवारा नगरपालिका चेयरमैन घनश्याम खटीक समेत कई लोग मौके पर जुट गए.
हालात को देखते हुए रामगढ़ पचवारा, लालसोट और मंडावरी थानों की पुलिस और RAC के जवानों को मौके पर तैनात कर दिया गया. तहसीलदार मदनलाल मीणा धरनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाया. थानाधिकारी रामशरण गुर्जर ने बताया कि 3 साल पहले बस स्टैंड पर बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित की गई थी. काले पत्थर से बनी प्रतिमा के हाथ में तीर था. इसके पिछले सिरे को गुरुवार रात अज्ञात व्यक्ति ने तोड़ दिया. पिछला हिस्सा मौके पर ही पड़ा मिला. रात में पुलिस मौके पर पहुंची और मुआयना किया.
स्थानीय लोगों ने रामगढ़ पचवारा थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है. मामले की जांच कर रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. थानाधिकारी रामशरण गुर्जर ने कहा कि शिकायत दर्ज कर ली है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी के द्वारा मूर्ति तोड़ने की बात सामने नहीं आई. जांच में जो भी निकलकर आएगा उसपर कार्रवाई होगी.
वहीं लोगों की सर्किल बनाकर नई मूर्ति स्थापित करने की मांग है. इसको लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है. बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज भगवान के रूप में पूजता है और यह उनके लोकनायक हैं. आदिवासी बिरसा मुंडा को भगवान का दर्जा देते हैं, उनका जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलिहातू गांव में हुआ था. बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के खिलाफ आदिवासियों को एकजुट किया और तोप-बंदूकों का मुकाबला तीर-कमान से किया था.