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Dausa News: दौसा जिले में 2 दिन में दो लेखाधिकारियों की मौत से हड़कंप मच गया. 11 जून को सिकराय उप कोष कार्यालय में पद स्थापित शीतल मीणा ने जयपुर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, तो आज सुबह उप कोषाधिकारी मनोज मीणा ने भी महवा स्थित घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. साथ ही मनोज ने दो लाइन का एक सुसाइड नोट भी मौके पर छोड़ा, जिसे परिजनों ने पुलिस के सुपुर्द किया. सुसाइड नोट पर लिखा है, “पापा मेरी मौत के जिम्मेदार लालपुर निवासी RTS अरुण मीणा और उसका रिश्तेदार सोनू मीणा है.” परिजनों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर महवा जिला अस्पताल में धरना शुरू किया, तो महवा विधायक राजेंद्र मीणा, एएसपी शंकर लाल मीणा और मानपुर डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी सहित कई थानों का जाप्ता पहुंचा.
महवा विधायक राजेंद्र मीणा सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने परिजनों से समझाइश शुरू की, लेकिन परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे. आखिरकार महवा विधायक राजेंद्र मीणा की समझाइश काम आई और विधायक ने परिजनों को भरोसा दिया कि अगर पुलिस इस पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करेगी, तो वह खुद परिजनों के साथ थाने पर धरने पर बैठेंगे. इसके बाद परिजन मनोज मीणा का शव लेने पर सहमत हुए. पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया.
दरअसल, यह पूरा मामला जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा की मौत के बाद खड़ा हुआ, जहां 10 जून को शीतल मीणा की सिकराय स्थित उप कोष कार्यालय में अचानक तबीयत खराब हुई. उसे सिकराय अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद शीतल को जयपुर रेफर कर दिया गया, जहां रात्रि में उपचार के दौरान शीतल ने दम तोड़ दिया. 11 जून को परिजनों ने मानपुर थाने में एक शिकायत दी, जिसमें शीतल की मौत का जिम्मेदार उप कोषाधिकारी मनोज मीणा सहित अन्य को ठहराया. साथ ही पुलिस ने शीतल का 11 जून को एसएमएस अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया. शीतल के परिजनों ने एफआईआर में आरोप लगाया कि मनोज मीणा शीतल को प्रताड़ित कर रहा था और उसने ही शीतल को पेय पदार्थ में विषाक्त मिलाकर पिलाया था, जिसके चलते उसकी मौत हुई है.
शीतल के अंतिम संस्कार की आग ठंडी भी नहीं हुई कि उप कोषाधिकारी मनोज मीणा ने भी फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, तो विवाद और खड़ा हो गया. अब एक ओर जहां शीतल के परिजन मनोज मीणा को शीतल की मौत का जिम्मेदार बता रहे हैं, तो वहीं मनोज मीणा के परिजन शीतल के रिश्तेदारों को मनोज की मौत का जिम्मेदार बता रहे हैं. अब इस पूरे मामले को लेकर पुलिस जांच पड़ताल में डटी हुई है कि आखिर शीतल और मनोज की मौत की वजह क्या रही.
दौसा एएसपी शंकर लाल मीणा ने कहा, पूरे प्रकरण का गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है. साथ ही मनोज द्वारा जो सुसाइड नोट लिखा गया था, उसकी भी एफएसएल जांच करवाई जा रही है ताकि सुसाइड नोट का सच भी सामने आ सके. एएसपी ने कहा, जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई होगी. लेकिन अभी भी पुलिस के सामने सबसे बड़ी पहेली यह बनी हुई है कि आखिर जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा और उप कोषाधिकारी मनोज मीणा के बीच ऐसा क्या चल रहा था, जो दोनों ही इस दुनिया को अलविदा कह गए.
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