राजस्थान के इस जिले में कोरोना के डर को भूल 'मृत्युभोज' पर टूट पड़े लोग, फिर...

अखंड प्रशासन ने ग्राम विकास अधिकारी वह पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी को पालना के लिए पाबंद किया है.

राजस्थान के इस जिले में कोरोना के डर को भूल 'मृत्युभोज' पर टूट पड़े लोग, फिर...
प्रतीकात्मक तस्वीर.

अविनाश जगनावत, राजसमंद: भीम उपखंड मुख्यालय का उपखंड प्रशासन एवं राजस्व महकमा धारा 144 की पालना कराने में फेल साबित हो रहा है. मंगलवार को उपखंड मुख्यालय पर प्रशासन के नाक के नीचे ग्राम पंचायत भीम की वार्ड पंच लीला देवी खटीक की सास के मृत्युभोज पर सैकड़ों पुरुष और महिलाएं एकत्रित हो गए.

भीम पुलिस थाना के सूचना अधिकारी विकास कुमार एवं कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र की तत्परता के चलते पाटिया में होने वाले मृत्यु भोज को रुकवाया गया. पाटिया पहुंचने पर जमा भीड़ की हालात देखकर पुलिस के जवानों की जमीन खिसक गई. जहां एक और देश भर में कोरोना को लेकर आमजन के स्वास्थ्य एवं आरोग्य के लिए सरकार कई प्रयत्न कर रही है. प्रदेश की गहलोत सरकार ने जनता कर्फ्यू की एडवाइजरी जारी की है, वहीं दूसरी ओर जिला एवं उपखंड मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 144 भी लगाई गई है.

अखंड प्रशासन ने ग्राम विकास अधिकारी वह पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी को पालना के लिए पाबंद किया है, वहीं, ग्राम पंचायत के वार्ड पंच द्वारा ही अपनी सास के मृत्युभोज के लिए लोगों को बुलाकर कानून का उल्लंघन किया गया है. हालांकि भीम थाना अधिकारी गजेंद्र सिंह के निर्देशन में पुलिस मोबाइल टीम के जवान विकास कुमार एवं धर्मेंद्र की सजगता से मृत्यु भोज रुकवा कर लोगों को खदेड़ा गया है.

बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर राजस्थान सरकार बेहद सजगता दिखा रही है. गहलोत सरकार ने सबसे पहले पूरे में लॉकडाउन करने की घोषणा कर दी थी. सीएम खुद लगातार सभी स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं. इसी कड़ी में कोरोना संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर फिर उच्चस्तरीय बैठक की गई.

खबर के मुताबिक, इस बैठक में गहलोत सरकार ने लॉकडाउन को देखते हुए फिर एक बड़ा निर्णय लिया. गहलोत सरकार यह फैसला किया है कि मंगलवार से राजस्थान में सभी निजी वाहनों पर रोक रहेगी. सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर यह फैसला किया है.