अब कम होगा राजस्थान पुलिस का बोझ, नकारा हथियारों का होगा निस्तारण

केंद्रीय गृह मंत्रालय राजस्थान पुलिस को हथियार देते आ रहा है. समय के साथ इनमें कई हथियार चलन से बाहर हो गए, वहीं कुछ खराब हो गए. साथ ही अपराधियों पर की गई कार्रवाई के दौरान भी पुलिस हथियार जब्त करती है. 

अब कम होगा राजस्थान पुलिस का बोझ, नकारा हथियारों का होगा निस्तारण
राजस्थान पुलिस में डेढ़ दर्जन श्रेणी के हथियार हैं, जो नकारा या प्रचलन से बाहर हो चुके हैं.

विष्णु शर्मा, जयपुर: राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) के लिए हथियार अब बोझ बने हुए हैं, यह कोई कहानी नहीं बल्कि हकीकत है. प्रदेश के पुलिस थानों, कार्यालयों और यूनिटों में हजारों की तादाद में नकारा, जब्त और प्रचलन से बाहर हथियार पड़े हैं. 

पुलिस को इन हथियारों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतनी पड़ रही है. अब गृह मंत्रालय के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने 15 जनवरी 2020 तक इनके निस्तारण के निर्देश दिए हैं. 

केंद्रीय गृह मंत्रालय राजस्थान पुलिस को हथियार देते आ रहा है. समय के साथ इनमें कई हथियार चलन से बाहर हो गए, वहीं कुछ खराब हो गए. साथ ही अपराधियों पर की गई कार्रवाई के दौरान भी पुलिस हथियार जब्त करती है. कोर्ट के निर्णय के बाद भी ऐसे हथियारों का निस्तारण नहीं हो रहा. इसका कारण इन हथियारों को नष्ट करने या निस्तारण करने की कोई प्रक्रिया नहीं होना. ऐसे में थानों, यूनिटों में रखे ये हथियार पुलिस पर बोझ बने हुए हैं. पिछले दिनों मामला गृह विभाग तक पहुंचा तो बैठकों के दौर पर दौर चले. बाद में गृह मंत्रालय से मार्गदर्शन मांगा गया. इस पर गृह मंत्रालय ने हथियारों के निस्तरण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया. 

पुलिस में 17 श्रेणी के हथियार चलन से बाहर
राजस्थान पुलिस में डेढ़ दर्जन श्रेणी के हथियार हैं, जो नकारा या प्रचलन से बाहर हो चुके हैं. इन हथियारों के साथ ही इनके पार्ट्स और एम्युनिशेन भी बेकार हो चुके हैं. ये एम्युनेशन भी हथियारों के साथ ही पुलिस पर बोझ बने हुए हैं. 
राजस्थान पुलिस में ये हैं नकारा और अप्रचलित हथियार -
1. एंटी राइट गन .303 बोर 
2. राइफल .303 बोर
3. बीएफ .303 बोर
4. .303 बोर स्टार्टर
5. .303 बोर एक्शन स्केल्टन  
6. राइफल 7.2 एमएम बोल्ट एक्शन  
7. मस्कट .414 बोर 
8. वीएलपी
9. रिवाल्वर .455 बोर
10. रिवाल्वर स्पेशल .38 बोर
11. टंचन गन 
12. स्टेन गन 9 एमएम
13. रिवॉल्वर .38 बोर 
14. एलएमजी .303 बोर  
15. 2''/3'' मोर्टार  
16. जब्तशुदा न्यालय से निर्णित प्रतिबंधित बोर (एके-47, एके -56, 7.62 एमएम सर्विस राईफल) को छोड़कर सभी हथियार 
17. प्रचलित बोर के नकारा हथियार 

सबसे ज्यादा श्रीगंगानगर में नकारा हथियार
यूं तो राजस्थान के सभी जिलों और पुलिस शाखाओं में प्रचलित और नकारा हथियार हैं, लेकिन श्री गंगानगर में सबसे ज्यादा नकारा हथियार और कारतूस हैं. जानकारी के अनुसार श्रीगंगानगर- 7,266 हथियार, 87,000 कारतूस,  जयपुर कमिश्नरेट में 2,316 हथियार, 60,000 कारतूस, झालावाड़ में 600 हथियार-एम्युनिशेन, बाडमेर में 2900 हथियार-एम्युनिशेन, सवाई माधोपुर-775 में  हथियार - एम्युनिशेन, बारां में 1113 हथियार -1300 कारतूस नकारा पड़े हुए हैं. वहीं जिन मामलों में हथियारधारक की मौत हो चुकी है, ऐसे हथियार लाइसेंस की संख्या 2800 है. 

पुलिस मुख्यालय ने गठित की कमेटियां
गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने  नकारा-अप्रचलित हथियारों के निस्तारण की प्रक्रिया तय कर दी. इसके लिए कमेटियों का भी गठन कर दिया गया. पुलिस मुख्यालय में एडीजी जन कल्याण यूआर साहू की ओर से हथियारों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं. साहू ने जिलों को हथियारों का निस्तारण 15 जनवरी 2020 तक करने के निर्देश दिए हैं.  

 ऐसे किया जाएगा निस्तारण 
- नकारा-अप्रचलित हथियारों के निस्तारण के लिए एक सुरक्षित जगह हथियारों का स्टॉक किया जाएगा.
- नकारा-अप्रचलित हथियारों के किस्म व मात्रा के अनुसार सूचना तैयार करनी होगी.
- नकारा, अप्रचलित हथियारों के लकड़ी अन्य धातु पार्ट्स को बोर्ड की देख-रेख में अलग किया जाएगा.
- नकारा, अप्रचलित हथियारों से निकली धातु को बोर्ड में सुरक्षित रखा जाएगा.
- नष्ट करने के बाद अधिकारियों को लिखकर देना होगा कि नष्ट किया जा चुका है.
- नष्ट या निस्तारित किए गए हथियारों का रिकॉर्ड रखा जाएगा.