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प्रतापगढ़: किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने की नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों से मुलाकात, दिए सुझाव

इस दौरान किसान नेता ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 8-29 का काफी दुरुपयोग जारी. ऐसे कुछ उदाहरण हैं कि कई निर्दोष किसान इस धारा की चपेट में आ गए और कई वर्षों की सजा काटने के बाद बरी हुए हैं.

प्रतापगढ़: किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने की नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों से मुलाकात, दिए सुझाव
प्रतिनिधिमंडल ने अफीम नीति में संशोधन की मांग रखी. (फाइल फोटो साभार: ANI)

प्रतापगढ़: जिले के किसान नेता सोहन लाल आंजना के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान उप नारकोटिक्स विभाग, कोटा में नारकोटिक्स उपायुक्त विकास जोशी और सांसद सीपी जोशी के साथ अफीम खेती से संबंधित बैठक में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने विभाग के अधिकारियों के सामने आने वाली अफीम नीति में संशोधन करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. 

इस दौरान किसान नेता सोहन लाल आंजना ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 8-29 का काफी दुरुपयोग जारी. ऐसे कुछ उदाहरण हैं कि कई निर्दोष किसान इस धारा की चपेट में आ गए और कई वर्षों की सजा काटने के बाद बरी हुए हैं. 

किसान नेता सोहन लाल आंजना ने बैठक में कहा कि धारा 8-29 हर हाल में हटाई जाए. यह धारा किसानों के हित में नहीं है और आम जनता के लिए न्यायोचित नहीं है. अभी तक अनगिनत निर्दोष लोग इस धारा का शिकार हुए हैं. सजा काटने के बाद 90 प्रतिशत लोग निर्दोष साबित होने के बाद बाइज्जत बरी हुए हैं. इस धारा के कारण उनकी जिंदगी के कई सुनहरे वर्ष जेल में बीत गए. परिवार को बदनामी झेलनी पड़ी. 

आंजना ने कहा, ''हर हाल में यह धारा हटाई जाए. साथ ही मुखिया के घर किए जाने वाले अफीम के कच्चे तोल को पूर्णतया बंद किया जाए.'' आंजना ने बताया कि उस समय अफीम तरल अवस्था में होती हैं और बाद में गाढ़ी हो जाती है, इसलिए दोनों तोल में काफी अंतर रहता है.

किसान नेता सोहन लाल आंजना ने कहा कि अफीम का भाव कम से कम 25 हजार रुपए प्रति किलो के हिसाब से दिया जाए, ताकि किसानों और मजदूरों की पूरी भरपाई हो सके.