जयपुर: धारा 144 लागू होने के बावजूद कचहरी में जुटी भीड़, कोविड नियमों का बना 'मजाक'

महापड़ाव में सैकड़ों लोग कचहरी परिसर में जुटे. इस दौरान प्रशासन को कोटपूतली के अलावा प्रागपुरा, पनियाला और सरूंड थाना पुलिस की फोर्स लगानी पड़ी.  

जयपुर: धारा 144 लागू होने के बावजूद कचहरी में जुटी भीड़, कोविड नियमों का बना 'मजाक'
कोरोना को देखते हुए राज्य में धारा 144 भी लगी हुई है.

अमित यादव/जयपुर: कोटपूतली के कचहरी परिसर में पिछले 20 दिन से चल रहा धरना स्थगित कर दिया गया. दांतिल में महेश प्रजापति की मौत मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर, ये धरना दिया जा रहा था. इस संबध में एक प्रतिनिधिमंडल ने दो दिन पहले जयपुर ग्रामीण एसपी शंकर दत्त शर्मा से भी मुलाकात की थी.

एसपी शर्मा ने 10 दिन में नए सिरे से जांच का भरोसा दिया था. इसके बावजूद धरनार्थियों ने महापड़ाव शरू कर दिया. इस महापड़ाव में सैकड़ों लोग कचहरी परिसर में जुटे. इस दौरान प्रशासन को कोटपूतली के अलावा प्रागपुरा, पनियाला और सरूंड थाना पुलिस की फोर्स लगानी पड़ी.

एएसपी रामकुमार कस्वां, एसडीएम सुनीता मीना और डीएसपी दिनेश यादव के साथ, धरनार्थियों के प्रतिनिधिमंडल से दो दौर की वार्ता हुई. आखिरकार 10 दिन में निष्पक्ष जांच करने के लिखित आश्वासन के बाद धरने को स्थगित कर दिया गया.

जानकारी के अनुसार, इस मामले में कई जांच अधिकारी बदले जा चुके हैं. अब जयपुर ग्रामीण एसपी ने शाहपुरा डीएसपी सुरेंद्र कृष्णैया को जांच सौंपी है. पुलिस-प्रशासन से समझौते के बाद धरनार्थियों ने कहा कि, अगर 10 दिन में जांच निष्पक्ष रूप से नहीं हो पाई तो, उनके लिए धरने का रास्ता वापस से खुला रहेगा.

दरअसल, इस समय कोरोना संकट गहराता जा रहा है. कोटपूतली में ही पिछले 20 दिन में करीब 2 दर्जन से अधिक लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं. कोरोना को देखते हुए राज्य में धारा 144 भी लगी हुई है. ऐसे में कचहरी परिसर में प्रसाशन के नाक के तले सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठी कर महापड़ाव डालना खतरे की बात रही है.

वहीं, भीड़ और सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के सवाल  पर पुलिस ने धरनार्थियों पर माला दर्ज करने की बात कही. लेकिन धरनार्थियों का कहना था कि, उन्होने दो दिन पहले ही महापड़ाव और इतनी भीड़ जुटने का ऐलान कर दिया था.