विभागीय स्तर पर नहीं रखा जाता सिलिकोसिस से ग्रसित मजदूरों का ब्यौरा

स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने श्रम राज्यमंत्री से पूछा कि जब सरकार ने सिलिकोसिस पर नीति बनाई है तो इनका रिकॉर्ड संधारित करने में क्या दिक्कतें हैं. 

विभागीय स्तर पर नहीं रखा जाता सिलिकोसिस से ग्रसित मजदूरों का ब्यौरा
अब नीरोगी राजस्थान अभियान के तहत मरीजों को रिकॉर्ड संधारण किया जाएगा.

जयपुर: श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली ने शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में एक प्रश्न के जवाब में कहा कि विभागीय स्तर पर सिलिकोसिस बीमारी से ग्रसित होने वाले मजदूरों का ब्यौरा नहीं रखा जाता है. हालांकि, उन्होंने सदन में जानकारी दी कि अधिनियम के तहत पंजीकृत 2 हजार 526 मृतक आश्रितों को सहायता दी गई है. 

प्रश्नकाल में विधायक पानाचन्द के सवाल का जवाब देते हुए श्रम राज्यमंत्री ने यह जानकारी दी. इस पर स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने श्रम राज्यमंत्री से पूछा कि जब सरकार ने सिलिकोसिस पर नीति बनाई है तो इनका रिकॉर्ड संधारित करने में क्या दिक्कतें हैं. 

उन्होंने पूछा कि आखिर जब मरीज अस्पताल में जाता है तो उसी समय विभाग द्वारा उसका रिकॉर्ड क्यों नहीं लिया जाता है. मरीज के विभाग के पास आने का इंतजार क्यों किया जाता है. 

इस पर सकपकाए श्रम राज्यमंत्री ने कहा कि सिलिकोसिस नीति अभी हाल ही में तैयार की गई है. अब रिकॉर्ड संधारण पर विचार होगा. उन्होंने कहा कि नीरोगी राजस्थान अभियान के तहत मरीजों को रिकॉर्ड संधारण किया जाएगा.