धौलपुर: मरीजों की समस्या को देखते हुए DM ने दिया आदेश, बनाई गई विशेष OPD

धौलपुर जिला चिकित्सालय पर लोड कम करके उसे कोविड-19 (COVID-19) के उपचार के लिए कोरोना अस्पताल बनाने में खासी मदद मिली.

धौलपुर: मरीजों की समस्या को देखते हुए DM ने दिया आदेश, बनाई गई विशेष OPD
धौलपुर शहर में दस स्थानों पर विशेष ओपीडी बनाई गई.

भानु शर्मा/धौलपुर: राजस्थान के धौलपुर जिला चिकित्सालय में खांसी-जुकाम तथा सामान्य रोगों के मरीजों की समस्या को देखते हुए, डीएम के आदेश पर धौलपुर शहर में दस स्थानों पर विशेष ओपीडी बनाई गई. इससे सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन होने के साथ ही, मरीजों को उनके घर के नजदीक ही उपचार मिला.

इसके साथ ही, धौलपुर जिला चिकित्सालय पर लोड कम करके उसे कोविड-19 (COVID-19) के उपचार के लिए कोरोना अस्पताल बनाने में खासी मदद मिली. दरअसल, कोरोना संकट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा विशेष सहायता राशि को लाभार्थियों के जनधन खातों (Jandhan Account) में सीधे डालने, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) द्वारा अनुग्रह राशि के भुगतान और एक अप्रैल को पेंशन के लिए बैंकों पर वृद्ध व असहाय लोगों की भीड़ को देखते हुए, जिला अधिकारी ने उनके घर-घर जाकर पेंशन और अनुग्रह राशि के वितरण का निश्चय किया.

बैंक मित्र तथा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के प्रतिनिधियों की करीब साढ़े चार सौ टीमों द्वारा बीते दिनों में चार लाख 17 हजार से अधिक खाताधारकों को करीब 90 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान, उनके घर जाकर कर दिया. वहीं, जिला अधिकारी राकेश कुमार जायसवाल ने जिले में 5 लाख लोगों को कुल 100 करोड़ राशि का भुगतान करने का लक्ष्य बनाया है. इसी क्रम में अब भी टीमों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को भुगतान किया जा रहा है.

धौलपुर प्रशासन की इस अनूठी पहल से 54 वर्षीय कमला को उस समय संबल मिला, जब दिव्यांग कमला को पोस्ट ऑफिस (PO) के कार्मिक ने, उसके घर जाकर पेंशन और अनुग्रह राशि का भुगतान किया. वहीं, जिले में दिव्यांग कमला जैसे सैकड़ों लाभार्थियों को अपने घर से दूर बैंकों तक जाने में परेशानी आ रही थी, तब जिला अधिकारी राकेश कुमार जायसवाल ने घर घर जाकर पेंशन और अनुग्रह राशि के वितरण करवाया.

इधर, अब इस धौलपुर मॉडल की पूरे देश में चर्चा है. साथ ही, इस मॉडल को कई जिलों में अपनाया भी गया है. कोरोना संकट के दौरान लॉकडाउन (Lockdown) का पालन के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से घर-घर जाकर राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है.

इसके अलावा, धौलपुर की कृषि उपज मंडी में सब्जी तथा फल विक्रेताओं की भीड को नियंत्रित करने के लिए, शहर के इंदिरा गांधी मैदान में फल और सब्जी का संचालन शुरू किया गया, जिससे सोशल डिस्टेस्टिंग का पालन हो सके. जबकि अनाज मंडी में भी पास (Pass) के आधार पर किसानों को प्रवेश के साथ-साथ जिले में 22 विभिन्न स्थानों पर गौण मंडियों का संचालन किया जा रहा है.

वहीं, भीड को नियंत्रित करने के लिए बसेड़ी कस्बे के बाजार में दुकानों को ऑड-इवन (Odd-Even) के आधार पर संचालित किया जा रहा है. ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बहुलता वाले धौलपुर जिले में लोगों की आय बढ़ाने के उपाय भी अपनाए जा रहे हैं. महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में दो सौ करोड रुपए की लागत से काम शुरू किए गए हैं. इससे पचास हजार ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है. इसका नतीजा यह निकला कि ग्रामीणों की आय बढ़ी और जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटी.

वहीं इन दिनों जिला कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में अपूर्ण रहे दस हजार शौचालयों के निर्माण कार्य को भी, शुरू कराया. इन कार्यों को सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करते हुए पूरा कराया गया. जिले के पडौस में मध्य प्रदेश के मुरैना एवं उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के साथ ही प्रदेश के भरतपुर जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है.

ऐसे में धौलपुर जिले की सीमाओं को सील करके कड़ी निगरानी की जा रही है. आगरा मुंबई नेशनल हाईवे सहित अन्य स्टेट हाईवे पर कड़ी निगरानी जारी है. वहीं, चंबल नदी के बीहड से जुडे रास्तों पर भी अवरोध लगाए गए है. चंबल के बीहड में रास्तों पर जेसीबी से गड्ढे खोदे गए हैं, ताकि कोई भी बाहरी व्यकित के आने से जिले में संक्रमण न फैल सके.
 
वहीं, कोई भी भूखा ना सो पाए, इसकी भी पूरी व्यवस्था डीएम ने खुद ने संभाल रखी है. इसके लिए अधिकारियों की अलग-अलग कमेटियां बना कर इस संकल्प को पूरा किया जा रहा है. इसमें 8 हजार से ज्यादा वॉलंटियर्स सेवाएं दे रहे हैं.