डीडवाना: आवारा पशुओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने शुरू की नई पहल...

पिछले एक माह में नागैर जिले में हुए सड़क हादसों ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था. एक महीने के दौरान हुए इन हादसों में 50 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी.

डीडवाना: आवारा पशुओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने शुरू की नई पहल...
आवारा पशुओं से निपटने के लिए पशु चिकित्सकों की टीम का भी सहयोग लिया जा रहा है.

डीडवाना: राजस्थान के डीडवाना जिले में आवारा पशुओं और खासकर इनकी वजह से होने वाले हादसों पर रोकथाम के लिए परिवहन महकमे एक नई पहल की है. जिसके तहत आवारा पशुओं के गले मे रेडियम बेल्ट बांधे जा रहे हैं. 

बता दें कि, पिछले एक माह में नागौर जिले में हुए सड़क हादसों ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था. एक महीने के दौरान हुए इन हादसों में 50 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी. जितने भी हादसे हुए उनमें सबसे ज्यादा हादसे आवारा गोवंश की वजह से हुए जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया था. जिसके बाद जिला प्रशासन और परिवहन महकमा इन हादसों पर लगाम लगाने के लिए प्रयासरत थे. 

प्रशासन और परिवहन विभाग के प्रयासों को एक एक सामाजिक संस्था गौपुत्र सेना का साथ मिला. गौपुत्र सेना के कार्यकर्ता घायल गोवंश को उपचार दिलाने का काम करती है. साथ ही, गौपुत्र सेना ने भी आवारा गोवंश की समस्या की तरफ प्रशासन का ध्यान दिलाने की कई बार कोशिश की. अब प्रशासन की पहल पर गौपुत्र सेना के कार्यकर्ताओं ने एक विशेष रेडियम बेल्ट बनवाया है जो गोवंश के गले में बांधा जा सके.

गौपुत्र सेना और परिवहन महकमे के समेकित प्रयास से पहले फैज में 500 आवारा गोवंश को क्षेत्र में यह रेडियम बेल्ट पहनाया जा सकेगा. सबसे पहले काले और गहरे रंग वाले गोवंश को प्राथमिकता से यह बेल्ट पहनाए जाएंगे क्योंकि सड़क पर रात में यह दिखाई नहीं देते. इस बेल्ट की ख़ास बात यह है कि रात के अंधेरे में रौशनी पड़ते ही चमकता है. जिससे वाहन चालकों को सड़क पर खड़े आवारा पशुओं पता चल जाएगा और हादसों से बचा जा सकेगा. 

आवारा गोवंश के गले मे यह बेल्ट बांधना भी एक बड़ी चुनौती थी जिससे निपटने के लिए पशु चिकित्सकों की टीम का भी सहयोग लिया जा रहा है. आवारा सांड जो काफि हिंसक होते हैं, उनके गले मे बेल्ट बांधने के लिए उनको ट्रेंक्यूलाइज किया जाकर बेल्ट बांधा जा रहा है ताकि बेल्ट बंधने वाले कार्यकर्ता भी किसी दुर्घटना का शिकार ना हो.

उपखण्ड अधिकारी के आदेश पर परिवहन विभाग, पशु चिकित्सकों की टीम, पुलिस और विशेषकर गौपुत्र सेना के कार्यकर्ताओं की यह समेकित पहल वाकई काबिले तारीफ है. आशा है कि इस पहल से गोवंश की वजह से होने वाले हादसों पर कुछ हद तक लगाम लगेगी और कई जाने बचाई जा सकेंगी.