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जयपुर: कलेक्टर और RTO के बीच रार है जारी, वाहनों को लेकर है विवाद

जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव और प्रादेशिक परिवहन अधिकारी के बीच खींचतान रुकने का नाम नहीं ले रही है. विवाद चुनाव में वाहनों को लेकर शुरू हो गया है.

जयपुर: कलेक्टर और RTO के बीच रार है जारी, वाहनों को लेकर है विवाद
कलेक्टर ने विभागीय एक्शन लेने की बात कही. (फाइल फोटो)

जयपुर: जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव और प्रादेशिक परिवहन अधिकारी के बीच खींचतान रुकने का नाम नहीं ले रही है. अब विवाद चुनाव में वाहनों को लेकर शुरू हो गया है. 

चुनाव ड्यूटी में वाहनों की कमी को लेकर जिला कलेक्टर ने आरटीओ को नोटिस थमाया था. बदले में आरटीओ ने चुनाव ड्यूटी में नहीं आने वाले 485 वाहन चालकों की सूची बनाकर कलक्टर को इस्तगासा दर्ज करने के लिए भेज दी. बड़ी ताताद में वाहन चालकों की सूची मिलने के बाद जिला प्रशासन भी सोच में पड़ गया. 

जिला कलेक्टर ने चालकों पर मामला दर्ज कराने की तैयारी तो शुरू कर दी. साथ ही यह भी कहा कि चालकों पर तो कार्रवाई होगी ही साथ में आरटीओ और चुनाव ड्यूटी में लगे सभी डीटीओ पर भी कार्रवाई करूंगा. जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने कहा है कि आरटीओ को नोटिस भेजा गया था. जिसका जबाव समय से नहीं दिया और साथ ही संतुष्टीपूर्ण जवाब नहीं मिला. 

उन्होंने कहा, '' जब वो जबाव नहीं दे पाए तो वाहन चालकों की सूची भेज दी. हमने 2700 फॉर्म दिए थे. आरटीओ ने 2200 वाहनों को ही बांटे. इस दौरान 500 वाहन सड़क से उठाकर चुनाव ड्यूटी में लगवाए गए. अगर वाहन नहीं आए तो अब तक चुप क्यों बैठे थे, कार्रवाई के लिए इतनी देर क्यों लग गई. दो दिन पहले वाहन आने थे, लेकिन 5 को सुबह तक वाहन आए. इसमें चालकों की गलती है और कार्रवाई होगी.'' उन्होंने आरटीओ और सभी डीटीओ को मामले में दोषी बताया है. साथ ही उन पर विभागीय कार्रवाई करने की बात भी कही.

वहीं, इस मामले में जिला परिवहन अधिकारी राजेन्द्र वर्मा का कहना है कि सभी वाहनों को फॉर्म बांट दिए गए थे. लेकिन कुछ वाहन नहीं पहुंच पाए. इसके बदले में परिवहन दस्तों ने ही वाहनों का अतिरिक्त व्यवस्था की थी. जो वाहन नहीं आए, उनपर कार्रवाई के लिए वाहन चालकों की छानबीन शुरू की गई. 485 वाहन चालकों के नाम पते तलाशकर सूचीबद्ध करने में समय लगता है. अब कार्रवाई के लिए भेजी है. कार्रवाई करना जिला कलक्टर का काम है.