हिंगोनिया गौशाला संचालन के भुगतान पर खड़ा हुआ विवाद, CM से मिलेंगी मेयर

जयपुर में नगर निगम का विभाजन होने के बाद पहले सफाईकर्मियों का बंटवारा के विवाद के बाद अब नया विवाद शुरू हो गया है. 

हिंगोनिया गौशाला संचालन के भुगतान पर खड़ा हुआ विवाद, CM से मिलेंगी मेयर
फाइल फोटो

जयपुर: राजधानी जयपुर में नगर निगम का विभाजन होने के बाद पहले सफाईकर्मियों का बंटवारा के विवाद के बाद अब नया विवाद शुरू हो गया है. मामला हिंगौनियां गौशाला (Hingonia Gaushala) के संचालन को लेकर अक्षय पात्र फाउंडेशन को भुगतान से जुडा है. अभी तक हिंगोनिया गौशाला के संचालन को लेकर अक्षय पात्र फाउंडेशन को भुगतान ग्रेटर नगर निगम कर रहा हैं. अब ग्रेटर नगर निगम की मेयर सोम्या गुर्जर ने ऐलान कर डाला है कि वो मुख्यमंत्री से जल्द मुलाकात कर ये मांग रखेंगी कि गौशाला का भुगतान दोनों नगर निगम करे. क्योंकि गायें तो दोनों नगर निगम क्षेत्रों से हिंगौनिया गौशाला में पहुंच रही है.

जयपुर ग्रेटर नगर निगम की मेयर बने डॉक्टर सौम्या को अभी भले ही 15 दिन बीते हो, लेकिन अब वो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात करने की तैयारी में है और वो भी नगर निगम की हिंगोनिया गौशाला को लेकर. दरअसल हिंगोनिया गौशाला जयपुर नगर निगम की है और अब निगम दो हिस्सों में यानी हेरिटेज और ग्रेटर में बंट चुका है लेकिन, गौशाला के संचालन के लिए अक्षय पात्र फाउंडेशन को भुगतान अकेले ग्रेटर नगर निगम कर रहा है.

ऐसे में मेयर सोम्या गुर्जर का तर्क है कि जब गौशाला में गाये हेरिटेज और ग्रेटर निगम के दोनों इलाको से पहुंच रही है तो गौशाला के संचालन को लेकर अक्षय पात्र फाउंडेशन को भुगतान भी अकेले ग्रेटर नगर निगम ही क्यों करे. ऐसे में वे ये बात भी मुख्यमंत्री के सामने रखेंगी.
 
उधर नगर निगम हैरिटेज मेयर मुनेश गुर्जर का कहना है कि गौशाला ग्रेटर निगम के पास रहे तो भी वे गौ सेवा के लिए आगे रहेंगी और हेरिटेज निगम के पास गौशाला आएगी तो वे समुचित ढंग से गौशाला का संचालन करवाएंगी. गायों को लेकर राजनीति ना हो तो अच्छा ही है. 

बहरहाल, कहा जा सकता है कि शहर की सरकार बने अभी भले ही कुछ दिन हुए हो, लेकिन सियासतदारो ने गाय के बहाने सियासत शुरू भी कर दी है. दोनों नगर निगमों की खींचतान में कही गाय काल की ग्रास नहीं बन जाएं.

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